दुद्धी सोनभद्र।(विवेक सिंह)
बघाडू वन रेंज में तैनात वन विभाग के अधिकारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगने के बाद वन विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम तुर्रीडीह निवासी शिवलाल गोंड एवं अन्य ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के नेतृत्व में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रेणुकूट को लिखित शिकायत सौंपते हुए रेंजर और वन दरोगा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, शिवलाल गोंड अपनी भूमिधरी भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी दौरान बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह मौके पर पहुंचे और भूमि को वन विभाग की जमीन बताते हुए कार्य रुकवा दिया। आरोप है कि कार्रवाई और मुकदमे का भय दिखाकर उनसे 80 हजार की मांग की गई। पीड़ित का कहना है कि आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने जमीन रेहन रखकर 40 हजार की व्यवस्था की और राशि दे दी, लेकिन इसके बाद भी उनका उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने एक अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि लगभग एक माह पूर्व नंदू राम नामक व्यक्ति को रेंज कार्यालय में रोककर एक लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि बाद में उनकी पत्नी शारदा देवी ने किसी तरह 40 हजार की व्यवस्था कर अधिकारियों को दी, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने ग्रामीणों, प्रधानों एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएफओ कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की शिकायत की। उन्होंने कहा कि यदि गरीबों और आदिवासियों का इसी प्रकार शोषण होता रहा तो जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा।
सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ताओं से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी गई है।
जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने स्पष्ट कहा कि पीड़ितों से ली गई धनराशि तत्काल वापस कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। ग्रामीणों की निगाहें अब विभागीय जांच पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि सच सामने आएगा तथा दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी।