दुद्धी (सोनभद्र)।(विवेक सिंह)
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के युवामोर्चा व महिला मोर्चा जिला इकाई सोनभद्र के तत्वावधान में शुक्रवार को तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम 26 सूत्रीय मांगाें का ज्ञापन उपजिलाधिकारी निखिल यादव के माध्यम से सौंपा और प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अमर सिंह मरकाम ने की। मुख्य अतिथि संतोष कुमार और विशिष्ट अतिथि रामनरेश पोया ने कहा कि जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा यहां की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूची लागू नहीं कर रही, जिससे आदिवासियों के सामाजिक आर्थिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय निवासियों का विनाश किया जा रहा है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों को भी क्षति पहुंच रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और न्याय जैसी मूलभूत सुविधाओं से आदिवासी वंचित हैं। आरोप लगाया गया कि जिले में बाहरी लोगों का दबदबा है और वे स्थानीय लोगों का शोषण खुलेआम कर रहे हैं।
पार्टी ने मांग की कि आदिवासियों को ‘वनवासी’ की संज्ञा न दी जाए और जनगणना में ‘गोंडी’ धर्म का कॉलम बनाया जाए। साथ ही आदिवासियों की जमीनों को जोतकोड के आधार पर नियमित कर कब्जाधारियों को चिन्हित किया जाए और दुद्धी को जिला घोषित किया जाए।
ज्ञापन में तीन युवकों ने अमवार थाने के एक दरोगा पर 3 जून को मारपीट, गाली-ग्लौज व जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप भी लगाया है। पीड़ितों ने बताया कि घटना के दौरान एक युवक का हाथ फ्रैक्चर हो गया था और वे समपर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं, परन्तु अभी तक मामला निस्तारित नहीं हुआ।
धरने में हीरालाल, पोयासत्या शाह, इंद्रावती, प्रमिला, बिजेंद्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे और मौके पर जमकर नारेबाजी की गई। उपजिलाधिकारी निखिल यादव ने ज्ञापन ग्रहण कर अधिकारियों को निर्देश देने का आश्वासन दिया ।