शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जिले के विकास खण्ड खुनियांव क्षेत्र के पचमोहनी पीडब्ल्यूडी मार्ग से पचमोहनी गांव तक लगभग 180 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 10 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इंटरलॉकिंग सड़क के दोनों किनारों पर बनाई जा रही सुरक्षा दीवारों में बेहद कमजोर एवं घटिया गुणवत्ता की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री के बजाय सफेद नदी बालू का उपयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की शुरुआत में ही इस प्रकार की लापरवाही बरती जा रही है तो सड़क की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद सड़क क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली सड़क का उद्देश्य ही प्रभावित हो जाएगा।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्थानीय लोगों द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना उचित नहीं समझा है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की जांच नहीं कराई गई तो करोड़ों रुपये की योजनाओं की तरह यह परियोजना भी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की भेंट चढ़ सकती है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण स्थल पर तकनीकी टीम भेजकर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों का कहना है कि सरकार गांवों के विकास के लिए लगातार बजट उपलब्ध करा रही है, लेकिन यदि धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई तो विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराया जाए।
अब देखना यह होगा कि विभागीय अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जनता के सवालों का जवाब देने के लिए कब तक कार्रवाई करते हैं। फिलहाल पचमोहनी गांव में चल रहा यह निर्माण कार्य लोगों के बीच चर्चा और सवालों का विषय बना हुआ है।