शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र अंतर्गत विद्या हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक बुजुर्ग की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), आयुष्मान भारत योजना, आईजीआरएस तथा स्थानीय पुलिस से शिकायत कर न्याय की मांग की है।
परिजनों का आरोप है कि सड़क दुर्घटना में घायल बुजुर्ग को उपचार के लिए विद्या हॉस्पिटल ले जाया गया था, जहां ऑपरेशन और इलाज के नाम पर उनसे लगभग 72 हजार रुपये वसूले गए। परिवार का कहना है कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे भारी रकम ली गई। साथ ही आरोप लगाया गया कि मरीज की मृत्यु होने के बाद इसकी जानकारी परिजनों को काफी देर से दी गई।
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संबंधित डॉक्टर आयुर्वेद पद्धति से जुड़े हैं, इसके बावजूद उन्होंने ऑपरेशन किया। परिवार का दावा है कि अस्पताल में पहले भी कई मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं और पूर्व में अस्पताल संचालन को लेकर विवाद भी हो चुका है।
इस संबंध में सीएमओ से हुई फोन पर बातचीत में बताया गया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। हालांकि, जांच टीम के सदस्यों की सूची सार्वजनिक न किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग मामले में पारदर्शिता नहीं बरत रहा है।
वहीं, जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक पहुंचकर अपनी शिकायत रखेंगे। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
अब पूरे जिले की निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं। बड़ा सवाल यह है कि जांच कब पूरी होगी और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल संचालन को लेकर कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।