अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल
सीएससी के 17वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले में सीएससी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वीएलई, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को सीएससी के माध्यम से उपलब्ध डिजिटल एवं जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी देना तथा डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के दौरान सीएससी द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुख सेवाओं का विस्तार से परिचय कराया गया। इनमें जिला प्रबंधक सीएससी कमलेश रघुवंशी द्वारा आयुष्मान भारत कार्ड, पैन कार्ड, आधार से संबंधित सेवाएं, बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान सेवाएं (डिजीपे), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, ई-श्रम पंजीकरण, टेली-लॉ (निःशुल्क विधिक परामर्श), ई-कोर्ट सेवाएं, रेल टिकट आरक्षण, बिजली, पानी एवं अन्य उपयोगिता बिलों का भुगतान, बीमा एवं पेंशन सेवाएं, पासपोर्ट आवेदन, डिजिटल शिक्षा, कृषि सेवाएं, ऋण सुविधा (लोनबाज़ार), कौशल विकास तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अक्षय बानिया , श्रम निरीक्षक ने कहा कि पिछले 17 वर्षों में सीएससी ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज सीएससी डिजिटल इंडिया अभियान का एक मजबूत आधार बनकर नागरिकों को उनके गाँव के निकट ही विभिन्न सरकारी एवं निजी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वीएलई रितेश धुर्वे, जयप्रकाश पवार , अजय देशमुख, अभिजीत पिंजरकर को सम्मानित किया गया।