लोकेशन – अयोध्या
रिपोर्टर – प्रभाकर यादव
इसी क्रम में अयोध्या में समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री पवन पांडे के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने रामपुर जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।पूर्व मंत्री पवन पांडे ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय में किसी प्रकार की अनियमितता या कमी है तो उसे नियमों के तहत सुधारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जुर्माना लगाया जा सकता है, आवश्यक सुधार कराए जा सकते हैं, लेकिन शिक्षा के इस संस्थान को तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय एक शिक्षा का मंदिर है, जहां सभी जाति और धर्म के छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं।इस दौरान पवन पांडे ने भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में मधुशालाएं खुल सकती हैं, लेकिन पाठशालाएं नहीं। उनके अनुसार सरकार को शिक्षा संस्थानों को बचाने और मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उन्हें ध्वस्त करने का फैसला लेना चाहिए। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।