किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में मरीजों को इलाज से पहले ही बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। रोजाना 2,000 से 2,500 मरीजों की ओपीडी वाले इस अस्पताल में सिर्फ 91 व्हीलचेयर और 78 स्ट्रेचर उपलब्ध हैं, जिससे गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की कमी के कारण मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई बार परिजनों को मरीजों को गोद में उठाकर या सहारा देकर विभिन्न विभागों तक ले जाना पड़ता है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
जानकारी के अनुसार, पिछले सात वर्षों में अस्पताल में केवल 24 नए स्ट्रेचर और 52 व्हीलचेयर ही बढ़ाई जा सकी हैं। इनमें से अधिकांश सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के अनुपात में संसाधनों का विस्तार नहीं हो पाया है।
प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की इस कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की संख्या बढ़ाने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।