मोरड़ा: अपने प्रिय शिक्षक के तबादले के विरोध में स्कूल परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब छात्र-छात्राएं फूट-फूटकर रोने लगे। पूरा विद्यालय परिसर बच्चों के रोने और चीख-पुकार से गूंज उठा। यह हृदयविदारक दृश्य मयूरभंज जिले के रसगोविंदपुर ब्लॉक अंतर्गत चिंचलगड़िया स्थित रघुनाथ जीउ सरकारी उच्च विद्यालय में देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में आवश्यकता से पांच शिक्षक-शिक्षिकाएं अधिक होने के कारण जिला प्रशासन की स्वीकृति के बाद पांच शिक्षकों को दूसरे विद्यालयों में पदस्थापित करने का आदेश जारी किया गया था। इनमें शिक्षक मृत्युंजय राउत, चिन्मय कुमार सामल, एलटीआर शिक्षिका हेमांगिनी महांत, मैत्री जेना और देवाशीष महांत शामिल हैं।
शिक्षकों के स्थानांतरण के विरोध में इससे पहले 25 अगस्त को छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर धरना दिया था। आदेश के अनुसार, दो शिक्षक कल दूसरे विद्यालय में योगदान दे चुके हैं। वहीं आज शिक्षक मृत्युंजय राउत, चिन्मय कुमार सामल और शिक्षिका हेमांगिनी महांत के विद्यालय छोड़ने की खबर मिलते ही छात्र-छात्राएं भावुक हो उठे।बच्चों ने शिक्षकों को विद्यालय से जाने से रोकने की मांग को लेकर पहले पैदल रसगोविंदपुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर जाने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलते ही बीडीओ अनंत कुमार हांसदा, तहसीलदार उपेंद्र दास और रसगोविंदपुर थाना प्रभारी पद्मलोचन पाणिग्राही विद्यालय पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।जब आदेश के अनुसार शिक्षक मृत्युंजय राउत विद्यालय से जाने लगे, तो छात्र-छात्राएं उन्हें घेरकर रोने लगे और विद्यालय छोड़कर नहीं जाने की गुहार लगाने लगे। बच्चों का कहना था कि यदि शिक्षक राउत यहां पढ़ाना बंद कर देंगे तो वे बेहतर शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।इसी तरह छात्र-छात्राओं ने शिक्षक चिन्मय कुमार सामल और शिक्षिका हेमांगिनी महांत को भी विद्यालय से जाने से रोकने की जिद की। प्रधान शिक्षक तुषारकांत पात्र के विद्यालय पहुंचने के बाद बच्चों ने उनके पैर पकड़कर भावुक होकर शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं करने की अपील की।इस दौरान एक छात्रा रोते-रोते अचानक अस्वस्थ होकर बेहोश हो गई। छात्रा को तहसीलदार की गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया।वहीं, खबर लिखे जाने तक छात्र-छात्राओं ने मध्याह्न भोजन भी नहीं किया था। स्थिति को देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी यतींद्र दत्त भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां इन शिक्षकों को पदस्थापित कर शिक्षण कार्य कराया जाएगा।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज की रिपोर्ट।