बारीपदा, 1/9: मयूरभंज केंद्रीय सहकारी बैंक की बहलदा शाखा में 21 लाख 44 हजार 370 रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप में ओडिशा विजिलेंस ने दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है।
विजिलेंस के अनुसार, तिरिंग लार्ज साइज्ड आदिवासी मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव सोसाइटी यानी तिरिंग LAMPCS के प्रबंध निदेशक ने 21 लाख 44 हजार 370 रुपये मयूरभंज सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बहलदा शाखा में जमा किए थे। यह राशि तिरिंग LAMPCS के बकाया ऋण के भुगतान के लिए निर्धारित थी।आरोप है कि उक्त राशि को निर्धारित ऋण खाते में जमा करने के बजाय आरोपी दो पूर्व अधिकारियों—मयूरभंज MCCB की बहलदा शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक डिचेन कुमार मिश्रा और पूर्व सहायक प्रबंधक गौरव कुमार दास—ने साजिश के तहत 12 अलग-अलग ऋण खातों में स्थानांतरित कर दिया।विजिलेंस के अनुसार, ये ऋण खाते संबंधित व्यक्तियों की जानकारी के बिना फर्जी तरीके से बनाए गए थे। आरोप है कि पहले अवैध रूप से स्वीकृत किए गए ऋणों को समायोजित करने और पूर्व की वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने के लिए 21.44 लाख रुपये का इस्तेमाल किया गया।इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाना केस नंबर 19, दिनांक 01.09.2026 के तहत धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a), Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018 तथा 409/120-B IPC के तहत मामला दर्ज किया गया है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 6 अगस्त को विजिलेंस ने इन दोनों पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। उन पर 64 लाख 42 हजार 74 रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप था।आरोप था कि विभिन्न ग्राहकों के नाम पर मौजूद 24 वास्तविक फिक्स्ड डिपॉजिट का ग्राहकों की जानकारी के बिना इस्तेमाल कर फर्जी लोन अगेंस्ट टर्म डिपॉजिट यानी LATD खाते बनाए गए थे। इस मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाना केस नंबर 14, दिनांक 05.08.2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था।उक्त मामले में डिचेन कुमार मिश्रा और गौरव कुमार दास को गिरफ्तार कर स्पेशल जज, विजिलेंस, बारीपदा की अदालत में पेश किया गया था।अब 21 लाख 44 हजार 370 रुपये की नई वित्तीय अनियमितता के आरोप में विजिलेंस ने एक और मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज