04 सितम्बर 2026
पटना उच्च न्यायालय ने जमाबंदी विवाद में
कलेक्टर को चार माह के भीतर निर्णय का निर्देश दिया।
पटना उच्च न्यायालय ने पूर्वी चंपारण जिले के पीपराकोठी थाना क्षेत्र से संबंधित जमाबंदी विवाद की सुनवाई करते हुए मामले को सक्षम अपीलीय प्राधिकारी, समाहर्ता (कलेक्टर), पूर्वी चंपारण के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति श्री राजीव रॉय ने सिविल रिट क्षेत्राधिकार मामला संख्या 9635/2026 में दिनांक 31 अगस्त 2026 को पारित किया।
मामला ग्राम वटगंज रामगढ़, महुआवां टोला, थाना पीपराकोठी, जिला पूर्वी चंपारण निवासी नेसार अहमद एवं रईसुल आजम द्वारा दायर किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने अपर समाहर्ता, पूर्वी चंपारण द्वारा के.स. संख्या 242/2025-26 में दिनांक 29 मई 2026 को पारित आदेश को चुनौती दी थी। उक्त आदेश में याचिकाकर्ताओं से संबंधित जमाबंदी संख्या 393, 394 एवं 395 सहित कुल आठ जमाबंदियों को रद्द किए जाने का उल्लेख था।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से न्यायालय को बताया गया कि संबंधित आदेश को पूर्वी चंपारण के समाहर्ता के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने भी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जाने की सहमति व्यक्त की, हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि इस बीच संबंधित अधिकारी भूमि का स्वरूप बदलने का प्रयास कर सकते हैं।
न्यायालय ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता चार सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक एवं सहायक दस्तावेजों के साथ समाहर्ता, पूर्वी चंपारण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करें। इसके बाद समाहर्ता को निर्देश दिया गया है कि यदि आवेदन निर्धारित अवधि में प्रस्तुत किया जाता है तो मामले का तार्किक निष्कर्ष 31 दिसंबर 2026 तक निकालें।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में यह भी अनुरोध किया था कि जमाबंदी रद्द किए जाने के नाम पर उन्हें बेदखल कर वर्ष 1961-62 से चले आ रहे उनके शांतिपूर्ण भौतिक कब्जे में किसी प्रकार की बाधा या हस्तक्षेप न किया जाए।
माननीय उच्च न्यायालय ने उपरोक्त निर्देशों के साथ रिट याचिका का निस्तारण कर दिया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान होने वाली कोई भी घटना अथवा विकास संबंधित अधिकारी द्वारा पारित किए जाने वाले अंतिम आदेश के परिणाम के अधीन रहेगा।
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