बारीपदा, 5/9: आपदा प्रभावित लोगों को जरूरत के समय मनोसामाजिक सहायता उपलब्ध कराने तथा जमीनी स्तर पर सामुदायिक लचीलापन मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया।“आपदा संभावित क्षेत्रों में समुदाय के लिए मनोसामाजिक देखभाल को बढ़ावा देना” विषय पर यह प्रशिक्षण बारीपदा के मुर्गाबाड़ी स्थित डीपीआरसी प्रशिक्षण भवन में आयोजित किया गया। जिला आपातकालीन अधिकारी तापस कुमार महांत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।प्रशिक्षण में आपदा के दौरान प्रभावित लोगों की मानसिक जरूरतों की पहचान कर प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के लिए अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और संबंधित हितधारकों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। आपदा के बाद लोगों में उत्पन्न होने वाले भय, चिंता, दुख और भावनात्मक तनाव जैसी समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक सहायता पर भी चर्चा की गई।प्रशिक्षण के दौरान मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार, मनोसामाजिक देखभाल, मानसिक परेशानी की प्रारंभिक पहचान, सहायक संवाद तथा आवश्यकता के अनुसार रेफरल व्यवस्था आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही आपदा के समय दूसरों की सहायता करने के साथ-साथ अपनी मानसिक सेहत और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रशिक्षुओं को जागरूक किया गया।आपसी चर्चा, व्यावहारिक अभ्यास, केस आधारित शिक्षा और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से आपदा के समय जन-केंद्रित और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। आपदा की तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्बहाली के दौरान विभिन्न विभागों, स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल कर्मियों, आपदा प्रबंधन अधिकारियों तथा स्वयंसेवकों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।इस प्रशिक्षण के माध्यम से दक्ष रिसोर्स पर्सन का एक समूह तैयार किया गया है। ये प्रशिक्षित व्यक्ति आगे चलकर समुदाय स्तर के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को मनोसामाजिक सहायता से संबंधित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करेंगे। इससे आपदा के समय कमजोर और प्रभावित समुदायों तक समय पर सहायता पहुंचाने के साथ जिले के सामुदायिक लचीलेपन को और मजबूत किया जा सकेगा।जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मयूरभंज की ओर से ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओसडमा), भुवनेश्वर के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। ओसडमा की उप महाप्रबंधक रश्मिता लेंका और राज्य परियोजना अधिकारी फकीर चरण राउत ने पर्यवेक्षक तथा मास्टर ट्रेनर के रूप में शामिल होकर प्रशिक्षण प्रदान किया।जिला परियोजना अधिकारी जगबंधु महांति ने कार्यक्रम का समन्वय किया। मनोवैज्ञानिक गीता बेसरा और सखी वन स्टॉप सेंटर की परामर्शदाता अंजना माझी ने सहायक मास्टर ट्रेनर के रूप में सहयोग किया। जुलिमणि बेहरा और कविता घड़ई ने कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया।समापन अवसर पर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।