दुद्धी (सोनभद्र)। राज्य परियोजना निदेशक, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान के तत्वाधान में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय इण्टर कालेज झारोकला, दुद्धी में तीन माह का आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्या अनीता गौड़ ने किया।
प्रशिक्षण का संचालन एनआईएस कोच रवि सिंह कर रहे हैं। कोच रवि सिंह ताइक्वांडो में दक्षिण कोरिया से ब्लैक बेल्ट-4 डॉन हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडलिस्ट रह चुके हैं तथा उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण एक जीवन कौशल है जो बालिकाओं में आत्मविश्वास पैदा करने, उन्हें अपने परिवेश के प्रति जागरूक करने तथा किसी अप्रत्याशित घटना में बचाव के लिए तैयार करने में मदद करता है।
प्रशिक्षण में ताइक्वांडो आधारित तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है। ट्रेनिंग में पंच, किक, ब्लॉकिंग के साथ गले, हाथ, बाल और कंधे से छुड़कर बचने की तकनीकें सिखाई जा रही हैं। कोच ने विद्यार्थियों को सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़ के व्यवहारिक जवाब और अपनी सुरक्षा के उपाय भी दिखाए।
प्रभारी प्रधानाचार्या अनीता गौड़ ने कहा कि मार्शल आर्ट हमारी सुरक्षा के लिए आवश्यक है और हर लड़की को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से ध्यान से सीखने तथा सीखी हुई बातों की जानकारी दूसरों तक फैलाने का आग्रह किया।
विद्यालय की नोडल श्रीमती बीना जायसवाल और सूरज कुमार सहित अन्य शिक्षक भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे।