सिसई (गुमला)। जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर इन दिनों सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्रखंड की 18 पंचायतों से लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रतिदिन अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं। भीड़ का आलम यह है कि दूर-दराज से आए ग्रामीणों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।बताया जा रहा है कि विभिन्न कार्यों के लिए लोगों से जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र मांगे जाने के कारण प्रमाण पत्र बनवाने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है। गुरुवार को भी अंचल कार्यालय परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ देखी गई। कई लोग सुबह से ही कार्यालय पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।कार्यालय परिसर में उमड़ी भीड़ और ग्रामीणों की परेशानी को देखकर हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख सह सिसई बचाव संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय वर्मा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों से ग्रामीण जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सिसई पहुंच रहे हैं और उन्हें दिनभर भूखे-प्यासे कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाती है।संजय वर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन पहले से पंचायतवार तिथि एवं समय निर्धारित कर देता तो कार्यालय में इस तरह की भीड़ नहीं जुटती और ग्रामीणों का काम भी व्यवस्थित तरीके से हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था के अभाव में आम जनता को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।संजय वर्मा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार किया जाए और ग्रामीणों की सुविधा के लिए व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने व्यवस्था दुरुस्त नहीं की तो सिसई बचाव संघर्ष समिति एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय जिला उपाध्यक्ष सूरज सिंह ने भी अंचल कार्यालय में उमड़ रही भीड़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आम जनता की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जल्द अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए। यदि ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे ग्रामीणों की भीड़ अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में पंचायतवार व्यवस्था लागू कर भीड़ को नियंत्रित करना और ग्रामीणों को राहत देना प्रशासन के सामने अहम सवाल बन गया है।
गुमला शम्भु चौहान ब्यूरो चीफ