संवादाता ITN जालना
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत देउलझारी में स्वीकृत कुओं के निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिवसेना शिंदे गुट द्वारा मंगलवार 15 तारीख को जालना जिला परिषद के सामने धरना प्रदर्शन किया गया आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वास्तविक स्थान पर कुएं का निर्माण न होने के बावजूद कागजों पर काम पूरा दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
यह आंदोलन शिवसेना शिंदे गुट किसान सेना के तालुका प्रमुख सुभाष भीमराव भोपले के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान आरोप लगाया गया कि देउलझारी में मनरेगा कुआं निर्माण कार्यों में फर्जी मस्टर रोल, जियो-टैगिंग की तस्वीरें, माप पुस्तिका की प्रविष्टियों तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर काम पूरा होना दिखाया गया है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर जमीन पर कुएं की अपेक्षित खुदाई या कार्य का कोई अस्तित्व नजर न आने के बावजूद संबंधित कार्यों के लिए राशि जारी कर दी गई है। इसलिए इन सभी कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और दस्तावेजों में दर्ज विवरण की सत्यता जांचने की मांग की गई है।
लाभार्थी किसानों से पैसे लेने का आरोप
इस मामले में प्रदर्शनकारियों ने ग्राम रोजगार सेवक संतोष सदाशिव भोपले पर मनरेगा योजना का लाभ दिलाने के लिए किसानों से 20-20 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाया। साथ ही, उनकी मां के नाम पर कागजों में कुआं दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की गई।
संबंधित अधिकारियों की भी जांच की मांग आंदोलनकारियों ने कुआं निर्माण की स्वीकृति से लेकर माप, जियो-टैगिंग, मस्टर रोल और राशि वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। ग्राम रोजगार सेवक के साथ-साथ संबंधित कनिष्ठ तकनीकी सहायक, इंजीनियर और विस्तार अधिकारी की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई गई