उरई(जालौन):
जनपद में निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी समीर ने वर्चुअल कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने विद्युत आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मरों, उपभोक्ता शिकायतों तथा विद्युत सुरक्षा से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्युत व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से बदले जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने वाले स्थानों को चिन्हित कर विद्युत लोड का परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार क्षमता वृद्धि करते हुए उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएं, ताकि बार-बार होने वाली विद्युत बाधा को कम किया जा सके। उन्होंने जेई एवं एई को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्युत संबंधी अधिक शिकायतों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर उनकी नियमित समीक्षा करने तथा शिकायतों के बार-बार आने के कारणों का पता लगाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां केवल शिकायतों का निस्तारण ही नहीं बल्कि समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी कार्य किया जाए। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, विद्युत कार्य के लिए शटडाउन लिया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के उपभोक्ताओं को पहले से विधिवत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के फोन समय से रिसीव करने तथा विनम्र व्यवहार के साथ समस्या की सही जानकारी एवं समाधान का स्पष्ट समय बताने के निर्देश दिए। विद्युत सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने जर्जर विद्युत तारों, क्षतिग्रस्त पोलों तथा खुले में स्थापित ट्रांसफार्मरों को चिन्हित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा सभी संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्युत दुर्घटनाओं से जन एवं पशुहानि की संभावना को समाप्त किया जा सके।जिलाधिकारी ने ‘झटपट पोर्टल’ पर प्राप्त उपभोक्ता आवेदनों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग उपभोक्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यकता पड़ने पर उनके घर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 के साथ मोबाइल नंबर 7318124866 एवं 8004912655 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित विद्युत शिकायत कंट्रोल रूम के नंबर 05163-257090 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्युत संबंधी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर समय रहते उनका समाधान कराया जा सके।
इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह, अधिशाषी अभियंता सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा, ब्यूरो प्रमुख,ITN news)