*पितृपक्ष मेला-2026 के लिए संवास सदन में 24 घंटे कार्यरत कंट्रोल रूम का शुभारंभ*
*आयुक्त एवं जिला पदाधिकारी ने फीता काटकर किया उद्घाटन, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए जारी हुआ ई-समाधान/आईवीआरएस नंबर 9266628168*
गया, 22 सितंबर 2026, पितृपक्ष मेला-2026 के अवसर पर देश-विदेश के विभिन्न राज्यों एवं देशों से गया आने वाले तीर्थयात्रियों को आवश्यक जानकारी, सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विष्णुपद स्थित संवास सदन कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का मंगलवार को आयुक्त, मगध प्रमंडल सफीना ए एन एवं जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर ने फीता काटकर शुभारंभ किया।
संवास सदन स्थित कंट्रोल रूम में स्थापित कॉल सेंटर का संचालन नेहरू युवा केंद्र के प्रशिक्षित वोलंटियर्स के माध्यम से कराया जा रहा है। यह नियंत्रण कक्ष पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों की समस्याओं के त्वरित समाधान, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर सहायता पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
*ई-समाधान/आईवीआरएस नंबर 9266628168 जारी*
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ई-समाधान/आईवीआरएस नंबर 9266628168 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर तीर्थयात्री पितृपक्ष मेला से संबंधित विभिन्न आवश्यक जानकारियां प्राप्त करने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं।
आईवीआरएस प्रणाली के माध्यम से संबंधित वरीय पदाधिकारियों के दूरभाष नंबरों से लाइनअप की व्यवस्था की गई है, ताकि आवश्यकता के अनुसार तीर्थयात्रियों की शिकायत एवं समस्या को संबंधित पदाधिकारी तक तत्काल पहुंचाया जा सके और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
*कंट्रोल रूम में एक मेन लाइन के साथ चार हंटिंग लाइन* की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मेला अवधि में बड़ी संख्या में आने वाले फोन कॉल को व्यवस्थित तरीके से रिसीव किया जा सके। पितृपक्ष मेला के दौरान कॉल सेंटर को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा।
*कंट्रोल रूम 24 घंटे रहेगा कार्यरत*
जिला पदाधिकारी ने बताया कि संवास सदन कार्यालय में स्थापित नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे कार्यरत रखा गया है। कॉल सेंटर में निःशुल्क वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कंट्रोल रूम में आने वाले प्रत्येक फोन कॉल की व्यवस्थित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग कराने का निर्देश दिया। साथ ही, सभी प्राप्त कॉल का अनुपालन प्रतिवेदन तैयार करने को कहा, ताकि यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि तीर्थयात्रियों द्वारा किस प्रकार की समस्याओं अथवा जानकारियों के लिए अधिक संख्या में संपर्क किया जा रहा है। प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं के आधार पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
*देवघाट एवं अक्षय वट पर भी अस्थायी नियंत्रण कक्ष*
तीर्थयात्रियों को मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देवघाट एवं अक्षय वट में भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित कराया जा रहा है। इन केंद्रों पर तैनात कर्मियों एवं शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के बाद तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए लगाया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र के विभिन्न भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनिवार्य रूप से पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित कराया जाए तथा इसके माध्यम से समय-समय पर तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सूचनाओं की घोषणा कराई जाती रहे। इससे तीर्थयात्रियों को मार्ग, घाट, वेदी, आवासन, यातायात एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी।
- *खोया-पाया केंद्रों को प्रभावी बनाने का निर्देश*
जिला पदाधिकारी ने विभिन्न भीड़भाड़ वाले घाटों एवं वेदियों के आसपास खोया-पाया काउंटर को प्रभावी रूप से संचालित कराने तथा वहां भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण किसी व्यक्ति के अपने परिजनों से बिछड़ने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे मामलों में प्राप्त फोन कॉल एवं सूचनाओं पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जाए तथा संबंधित व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई खोया हुआ व्यक्ति अथवा तीर्थयात्री मिल जाता है, लेकिन तत्काल अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पाता है, तो ऐसे यात्रियों को सुरक्षित रूप से टेंट सिटी में रखा जाएगा। इसके लिए टेंट सिटी को नोडल पॉइंट के रूप में विकसित किया गया है। वहां ऐसे यात्रियों के सुरक्षित ठहराव एवं उनके परिजनों से मिलाने तक आवश्यक सहयोग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जीजिला प्रशासन द्वारा पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर, त्वरित एवं समन्वित सहायता उपलब्ध कराने के लिए कंट्रोल रूम, कॉल सेंटर, आईवीआरएस, पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं खोया-पाया केंद्रों को आपस में समन्वित करते हुए सक्रिय रखने की व्यवस्था की गई है।रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ