बारीपदा, 22 सितंबर 2026:प्रतिकूल परिस्थितियां और आर्थिक तंगी कभी भी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं, इसे एक बार फिर साबित किया है मयूरभंज जिले की प्रतिभाशाली खिलाड़ी संध्यारानी टुडू ने। संघर्षों से जूझते हुए संध्यारानी ने अब अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन भारतीय महिला रग्बी टीम में हुआ है और वह आगामी एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।आगामी 1 से 3 अक्टूबर 2026 तक जापान के नागोया शहर स्थित मिजुहो पार्क रग्बी फील्ड में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में संध्यारानी भारतीय महिला रग्बी टीम की ओर से मैदान में उतरेंगी। मयूरभंज के एक सामान्य परिवार से आने वाली संध्यारानी की इस उपलब्धि के पीछे बारीपदा स्थित फ्यूचर स्टार स्पोर्ट्स एकेडमी के प्रशिक्षण और सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।अभाव, कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बावजूद संध्यारानी ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने राष्ट्रीय रग्बी टीम में अपनी जगह बनाए रखी और अब एशियाई खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।एशियाई खेलों को ‘एशियाड’ के नाम से भी जाना जाता है। यह एशिया महाद्वीप का प्रमुख बहु-खेल आयोजन है, जिसका संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया द्वारा किया जाता है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर फ्यूचर स्टार स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी द्वारा भारत का प्रतिनिधित्व किया जाना मयूरभंज जिले और ओडिशा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।संध्यारानी की इस उपलब्धि पर मयूरभंज महाराजा प्रवीण चंद्र भंजदेव, महारानी रश्मि राजलक्ष्मी भंजदेव, भंजसेना के संस्थापक कलिंग केसरी जेना, जिला खेल अधिकारी शुभाशीष नायक, मयूरभंज जिला खेल संघ के सचिव विजय कुमार दास, बारीपदा नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णानंद महांती, एकेडमी के निदेशक अमर कुमार सेठी, सलाहकार सोमनाथ सिंह एवं मंगल हांसदा, सह-संस्थापक रूपाली सोरेन एवं साई किरण नायक, संस्थापक दिव्य रंजन दास तथा कोच चंदन सिंह, राजकिशोर पात्र और अजीत कुमार हांसदा ने शुभकामनाएं दी हैं।वहीं, मयूरभंज जिला रग्बी संघ, ओडिशा रग्बी संघ तथा राज्य खेल एवं युवा सेवा विभाग के सहयोग के लिए एकेडमी के सभी खिलाड़ियों और संस्थापक दिव्य रंजन दास ने आभार व्यक्त किया है।संध्यारानी की इस उपलब्धि से मयूरभंज के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। उनकी सफलता जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहराज।