बारीपदा, 23/09/2026: बारीपदा के निकट हातीकुट स्थित सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीजों एवं आम जनता की उपस्थिति में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद, योग एवं प्राणायाम का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के दौरान चिकित्सालय परिसर में विशेष चिकित्सा एवं योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सक डॉ. श्रीमती रुबिन बेहरा ने स्वस्थ जीवन के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव, संतुलित आहार, योग एवं प्राणायाम के महत्व पर मरीजों तथा आम लोगों को जानकारी दी।इस अवसर पर मरीजों एवं आम जनता के बीच निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। साथ ही स्वच्छता एवं हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुर्वेदिक पौधों के पौधे भी वितरित किए गए। उपस्थित लोगों के लिए विशेष योग शिविर का आयोजन कर उन्हें विभिन्न योगाभ्यास एवं प्राणायाम के बारे में जानकारी दी गई।डॉ. रुबिन बेहरा ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, रोगों की रोकथाम तथा स्वास्थ्य संरक्षण पर भी विशेष जोर देता है। प्राचीन ऋषि-मुनियों की परंपरा से लेकर चरक एवं सुश्रुत के समय से चली आ रही आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आधुनिक स्वास्थ्य सेवा की मुख्यधारा में और अधिक सुदृढ़ करना राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य है।उन्होंने कहा कि पहले धन्वंतरी जयंती के अवसर पर आयुर्वेद दिवस मनाया जाता था। केंद्र सरकार के निर्णय के अनुसार वर्ष 2025 से प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है।डॉ. श्रीमती रुबिन बेहरा ने लोगों से स्वस्थ जीवन जीने तथा मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के साथ दीर्घायु जीवन की दिशा में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की संस्कृति और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है और आज पूरी दुनिया इस अमूल्य चिकित्सा परंपरा के योगदान को स्वीकार कर रही है।कार्यक्रम के अंत में डॉ. रुबिन बेहरा ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
— हिमांशु शेखर प्रहराज