*पितृपक्ष मेला 2026 में परंपरा के साथ टेक्नोलॉजी का समागम, श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम : विजय कुमार सिन्हा*
गया, 25 सितंबर 2026, गया सर्किट हाउस में कृषि विभाग के माननीय मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवासन, स्वच्छ पेयजल, परिवहन एवं तकनीकी सुविधाओं के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी दी।
माननीय प्रभारी मंत्री ने कहा कि पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई थीं। इस वर्ष देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पारंपरिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी व्यापक समावेश किया गया है। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा उनकी यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न तकनीकी एवं नागरिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
*बच्चों एवं वृद्धजनों की सुरक्षा के लिए QR Code युक्त Wrist Band*
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में बच्चों एवं वृद्धजनों को अपने परिजनों से बिछड़ने से बचाने के उद्देश्य से QR Code युक्त Wrist Band पहनाया जा रहा है। इस QR Code में उनके परिजनों का मोबाइल नंबर एवं आवश्यक विवरण उपलब्ध रहेगा। यदि कोई बच्चा अथवा वृद्धजन अपने परिजनों से बिछड़ जाता है तो उनके माता-पिता अथवा परिजनों के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजा जाएगा। QR Code को स्कैन कर संबंधित व्यक्ति को उनके परिजनों से मिलाने में सहायता की जाएगी।
*विभिन्न भाषाओं के श्रद्धालुओं के लिए Google Translator युक्त Help Desk*
माननीय मंत्री ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला में देश के सभी राज्यों के साथ-साथ अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। श्रद्धालुओं को भाषाई कठिनाई न हो, इसके लिए मेला क्षेत्र में सभी Help Desk पर Google Translator युक्त System लगाया गया है। इसके माध्यम से विभिन्न भाषाओं में आने वाले श्रद्धालुओं की बात को कर्मी हिंदी में समझ सकेंगे तथा कर्मियों द्वारा हिंदी में दिए गए जवाब को श्रद्धालु अपनी भाषा में सुन सकेंगे।
विधि-व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन में Artificial Intelligence का उपयोग
मेला क्षेत्र में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Artificial Intelligence (AI) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। माननीय मंत्री ने बताया कि पूरे शहर में कहीं भी भीड़ अधिक होने पर संबंधित पदाधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट प्राप्त होगा, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति गुमशुदा हो जाता है तो कैमरे के माध्यम से उसके चेहरे की पहचान कर उसके लोकेशन की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इससे मेला अवधि के दौरान भीड़ प्रबंधन एवं गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने में सहायता मिलेगी।
*कायाकल्प अभियान के तहत गया शहर का सौंदर्यीकरण*
श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा कायाकल्प अभियान की शुरुआत की गई है। पितृपक्ष मेला के पूर्व इस अभियान के तहत गया जी शहर में विशेष रूप से कायाकल्प का कार्य कराया गया है। इसकी खास विशेषता यह है कि इस कार्य में शहर के बच्चों की भी सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
गया शहर की दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी विभिन्न कलाकृतियां गया जिले के बच्चों द्वारा बनाई गई हैं, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ स्थानीय कला एवं बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहन मिला है।
*प्रतिदिन 75,348 लोगों के लिए निःशुल्क आवासन की व्यवस्था*
माननीय प्रभारी मंत्री ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा पितृपक्ष मेला के दौरान प्रतिदिन 75,348 लोगों के निःशुल्क आवासन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 943 शौचालय, 134 स्नानागार एवं 74 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं।
श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 280 चापाकल एवं 890 नल लगाए गए हैं। साथ ही प्रतिदिन पानी की गुणवत्ता की जांच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के लैब में की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को उच्च गुणवत्ता का पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
*70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर एवं 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात*
श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 70 स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं। इन स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर एवं 178 पैरामेडिकल कर्मी कार्यरत हैं।
इसके अतिरिक्त Indian Medical Association (IMA) के सहयोग से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
*श्रद्धालुओं के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा*
बिहार सरकार के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा भी चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में आने-जाने में सुविधा प्रदान करना है।
*मात्र 30 रुपये में सात्विक भोजन की व्यवस्था*
माननीय प्रभारी मंत्री ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च कोटि का सात्विक भोजन उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों की रसोई का संचालन किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को मात्र 30 रुपये में उच्च गुणवत्ता का सात्विक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
माननीय मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। बिहार सरकार का उद्देश्य है कि देश-विदेश से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधा, आवासन, पेयजल, परिवहन एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध हो तथा श्रद्धालु गया जी से सुखद अनुभव लेकर लौटें।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी ,बिहार