नई दिल्ली। श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री विहार, पुरी के अधीन त्रिनाथपुर मीरादेवी संस्कृत महाविद्यालय, माहांगा, कटक में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट संस्कृत साहित्य एवं शास्त्र के विद्वान प्रोफेसर धर्मानंद राउत को संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, लेखन, शोध एवं अध्यापन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘सुरभारती सेवक सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।वर्तमान में प्रोफेसर धर्मानंद राउत दिल्ली स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के साहित्य विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले 36 वर्षों से अधिक समय से संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं विकास के लिए कार्य किया है। उनके योगदान के लिए विभिन्न राज्यों में उन्हें कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। हालांकि, अपनी मातृभूमि एवं जन्मभूमि से मिले इस सम्मान को लेकर प्रोफेसर राउत ने विशेष प्रसन्नता व्यक्त की।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री जगन्नाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, श्री विहार, पुरी के कुलपति प्रोफेसर प्रभात महापात्र उपस्थित रहे। इसके अलावा महाविद्यालय की अध्यक्ष श्रीमती स्वर्णलता बेहरा, महाविद्यालय के संस्थापक श्री मानुधर नायक, विशिष्ट समाजसेवी श्री जनार्दन जट तथा कार्यक्रम संयोजक अध्यापक डॉ. शशधर पति सहित अनेक शिक्षक, 200 से अधिक छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे।इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर प्रभात महापात्र ने कहा कि प्रोफेसर राउत के योगदान पर विश्वविद्यालय को गर्व है। साहित्य एवं शास्त्र के क्षेत्र में उनके निरंतर शोध कार्य के लिए विश्वविद्यालय भविष्य में भी हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।वहीं, दिल्ली स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मुरली मनोहर पाठक ने भी प्रोफेसर धर्मानंद राउत को सम्मान मिलने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के लिए भी गर्व की बात है।
हिमांशु शेखर प्रहराज
राज्य प्रमुख