बारीपदा, 27/09/2026। स्थानीय शहीद स्मृति भवन में ‘आमे, बारीपदा’ के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय वार्षिक 9 दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव की छठी संध्या में दर्शकों को दो प्रभावशाली नाटकों का मंचन देखने को मिला। इस अवसर पर संबलपुर के ‘क ख ग’ द्वारा प्रस्तुत ‘अनन्य’ तथा मेदिनीपुर के ‘सरभुज’ द्वारा प्रस्तुत ‘ओरे बिहंग’ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।पहले नाटक ‘अनन्य’ की रचना एवं निर्देशन ब्रजेंद्र नायक ने किया। इसमें सौमेंद्र पुजारी, मीनाक्षी सुपकार और मनोज बेहरा ने विभिन्न भूमिकाओं में अभिनय किया। प्रकाश व्यवस्था में सिद्धार्थ होता, संगीत में ब्रजेंद्र नायक तथा मंच सज्जा में संजय मिश्रा ने सहयोग किया।दूसरे नाटक ‘ओरे बिहंग’ का मंचन मेदिनीपुर की ‘सरभुज’ संस्था द्वारा किया गया। बादल सरकार द्वारा रचित इस नाटक का निर्देशन अनिर्बाण अनुरण ने किया। नाटक में सायंती घटक, बिपाशा दास, सुप्रिय सुर, फोतिक मिद्दा, पियूष रॉय, सायन रंग, रोहन पात्र, नंदिता दे, अभिजीत दत्त, ताराशंकर खारा एवं देवांजन मंडल ने विभिन्न भूमिकाओं में अभिनय किया। शब्द व्यवस्था में ऋषभ बेरा तथा प्रकाश व्यवस्था में धनपति मंडल ने सहयोग किया।दोनों नाटकों की प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र महांती की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृत महाविद्यालय की प्राचार्या जयश्री नंद, एमपीसी स्वायत्त महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ. झरना बेहरा, बार एसोसिएशन बारीपदा के अध्यक्ष ज्योति प्रकाश रथ, अधिवक्ता सुजाता मिश्रा तथा समाजसेवी काशीनाथ राणा प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए नाट्य महोत्सव की सफलता की कामना की।इस अवसर पर महाविद्यालय स्तर के छात्र-छात्राओं के बीच आयोजित चित्रांकन, नृत्य, म्यूजिकल चेयर, एंकरिंग, एकल अभिनय एवं मूक अभिनय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए काशीनाथ राणा, भानुमित्र आचार्य, आशीष बसा, सोमनाथ सिंह एवं प्रवीर बेहरा को ‘मयूरभंज महासम्मान’ से सम्मानित किया गया।विशिष्ट अभिनेता एवं निर्देशक तथा आयोजन समिति के सचिव चिन्मय दास पटनायक ने स्वागत भाषण दिया और धन्यवाद ज्ञापन किया।मीडिया संयोजक सोमनाथ सिंह ने बताया कि सोमवार को निपा रंग मंडली, लखनऊ द्वारा प्रस्तुत ‘शिकस्ता’ तथा युगेच्छा, बारीपदा द्वारा प्रस्तुत ‘शेष में धरमा ने कहा’ नाटकों का मंचन किया जाएगा।
मयूरभंज से हिमांशु शेखर प्रहिराज।