झांसी:
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के कुशल मार्गदर्शन में झांसी जनपद और ग्रामीण तहसीलों में बच्चों एवं किशोरियों की सुरक्षा हेतु पॉक्सो (POCSO) अधिनियम विशेष विधिक साक्षरता अभियान लगातार जारी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी के संयोजन में जनपद मुख्यालय एवं तहसील स्तर के चार प्रमुख शिक्षण संस्थानों में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जहाँ न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बाल सुरक्षा कानूनों, अधिकारों और सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित शिविरों के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
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राजकीय इंटर कॉलेज, झांसी: मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) श्री मोहम्मद नेयाज़ अहमद अंसारी और अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सुमित पाराशर ने विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम के कड़े प्रावधानों, पहचान की गोपनीयता और त्वरित न्याय प्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी अनुचित व्यवहार या उत्पीड़न के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज़ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान प्रधानाचार्य श्री सतीश कुमार सिंह सहित समस्त शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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विपिन बिहारी इंटर कॉलेज, झांसी: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कमलकांत श्रीवास्तव एवं श्री शरद कुमार चौधरी ने छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण कानूनों, आत्मरक्षा और ‘गुड टच व बैड टच’ के अंतर की जानकारी दी। कॉलेज प्रबंधन से प्रधानाचार्य श्री दिनकर सक्सेना एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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तहसील टहरौली (आलोकनाथ इंटर कॉलेज): ग्राम न्यायालय टहरौली के न्यायाधीश श्री श्रेयांश निगम एवं अपर सिविल जज (जू.डि.) श्रीमती प्रेरणा यादव ने पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम, बाल विवाह निषेध कानूनों और साइबर सुरक्षा (सोशल मीडिया सावधानियों) पर जागरूक किया।
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तहसील मोंठ (पं. दीनदयाल उपाध्याय मॉडल पब्लिक स्कूल, कोमरार): सिविल जज (जू.डि.) मोंठ श्री शुभम चौधरी और न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती खुशबू धनकड़ ने बच्चों को उनके विधिक एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति सचेत करते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
शिविरों के दौरान छात्र-छात्राओं को आपात स्थिति में तुरंत सहायता पाने के लिए नालसा की 24×7 राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन (15100), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), वूमेन पावर लाइन (1090) तथा आपातकालीन पुलिस सेवा (112) की कार्यप्रणाली समझाई गई और विधिक जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।