बांसवाड़ा के पशुपालन विभाग से जुड़ा एक मामला करीब छह साल बाद एक बार फिर सामने आया है।
मामला है पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रतन बंसल से जुड़ा, जिन पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र गजभिये ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. गजभिये का आरोप है कि डॉ. रतन बंसल 19 जून 2020 से 29 जून 2020 तक अनुपस्थित रहे, लेकिन बाद में उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर किए गए और उन्हें उस अवधि का वेतन भी दिया गया।
इस मामले को लेकर डॉ. गजभिये ने 25 जुलाई 2020 को संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग बांसवाड़ा और 29 जुलाई 2020 को निदेशक, पशुपालन विभाग राजस्थान जयपुर को शिकायत दी थी।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने शासन सचिव, पशुपालन विभाग राजस्थान जयपुर को भी मामले की जानकारी दी।
डॉ. गजभिये के मुताबिक, शासन सचिव की ओर से जांच के निर्देश दिए गए, लेकिन उन्होंने जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष नहीं मानते हुए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर भी परिवाद दर्ज कराया।
अब 28 सितंबर 2026 को संयुक्त निदेशक कार्यालय बांसवाड़ा में कमेटी के सामने इस मामले की सुनवाई हुई।
डॉ. राजेंद्र गजभिये ने कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूत पेश किए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कमेटी ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेज दिया है।
वहीं डॉ. गजभिये की मांग है कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो डॉ. रतन बंसल के साथ-साथ उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, जिन पर उन्होंने मामले में कार्रवाई नहीं करने या डॉ. रतन बंसल को बचाने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल, मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई और जांच का इंतजार है।
ध्यान रहे, डॉ. रतन बंसल पर लगाए गए ये आरोप शिकायतकर्ता के हैं। आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही होगी