इंडियन टीवी न्यूज नेशनल छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
रायपुर।
केंद्रीय जेल रायपुर में शनिवार को पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक पहुंचकर सघन तलाशी अभियान चलाया। जेल परिसर और अलग-अलग बैरकों में प्रतिबंधित अथवा आपत्तिजनक सामग्री की जांच के लिए करीब चार घंटे तक कार्रवाई की गई। तलाशी अभियान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चला।
यह कार्रवाई डीसीपी क्राइम आईपीएस स्मृतिक राजनाला, डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और एडीएम उमाशंकर बाँधे के नेतृत्व में की गई। अभियान में करीब 50 पुलिस जवानों के अलावा क्राइम ब्रांच/एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) तथा सेंट्रल जोन के विभिन्न थानों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
अलग-अलग टीमों ने एक साथ खंगालीं बैरकें
औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस टीमों ने जेल परिसर और विभिन्न बैरकों में एक साथ पहुंचकर कैदियों तथा उनके सामान की बारीकी से तलाशी ली। कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने समानांतर रूप से अलग-अलग बैरकों की जांच की।
अभियान की निगरानी अतिरिक्त डीसीपी सेंट्रल जोन विवेक शुक्ला, अतिरिक्त डीसीपी एसीसीयू गौरव मंडल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा और प्रशिक्षु डीएसपी अमित कोसमा ने की।
महिला बैरक में भी अलग टीम ने की जांच
तलाशी अभियान के दौरान महिला बैरक के लिए अलग टीम गठित की गई। टीम ने सुरक्षा मानकों के अनुरूप महिला बैरक की तलाशी ली। इसके अलावा जेल परिसर के अन्य चिन्हित स्थानों की भी जांच की गई।
कोई विशेष प्रतिबंधित सामग्री नहीं मिली
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कोई विशेष आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामग्री बरामद नहीं हुई।
पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस तरह के औचक निरीक्षण किए जाते हैं, ताकि जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे और प्रतिबंधित सामग्री के संभावित प्रवेश अथवा इस्तेमाल को रोका जा सके।
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों एवं जवानों की मौजूदगी में जेल की विभिन्न बैरकों और परिसर की व्यापक जांच की गई। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।