अकोदिया।
पुरानी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत करते हुए हाथी पूजा का आयोजन श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर पूजा स्थल को पारंपरिक सामग्री से सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर हाथी की पूजा-अर्चना की गई।
पूजन के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार फूल, अक्षत, रोली, धूप-दीप एवं नैवेद्य अर्पित किए। पूजा स्थल पर रखी विभिन्न पूजन सामग्री और जलते दीपक प्राचीन परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह के पारंपरिक पूजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि हमारी पुरानी संस्कृति और लोक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। आधुनिक दौर में भी इन परंपराओं का निर्वहन हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हाथी पूजा के दौरान घर-आंगन में भक्तिमय माहौल रहा और श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा संपन्न की।