पिछोर / शिवपुरी
बुंदेलखंड अब मूंगफली का नया हब बन रहा है। जिले में मूंगफली की फसल में नवीन तकनीक और उत्पादन बढ़ाने के लिए *रामसा एग्रो और ICAR – भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ (DGR)* द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है।
रामसा एग्रो के वाइस चेयरमैन संजय पहारिया ने बताया कि इस वर्ष मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मूंगफली का कुल रकबा लगभग *11.25 लाख हेक्टेयर* तक पहुंच गया है। इसमें मप्र में 6.40 लाख हेक्टेयर और उप्र में 4.85 लाख हेक्टेयर शामिल है। कुल उत्पादन *18 लाख टन* रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 9.50 लाख टन था। यानी इस बार उत्पादन में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है।
15 किस्मों पर संयुक्त अनुसंधान
रामसा एग्रो और DGR जूनागढ़ के बीच तकनीकी सहयोग के तहत मूंगफली की 15 विभिन्न किस्मों पर अनुसंधान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड की जलवायु के अनुकूल, अधिक उत्पादन देने वाली और गुणवत्तापूर्ण बीज की किस्में किसानों तक पहुंचाना है।
शिवपुरी जिले को मध्य प्रदेश के *’एक जिला एक उत्पाद’* में मूंगफली के लिए चयनित किया गया है। यहाँ की मूंगफली का निर्यात विदेशों में भी किया जाता है। इस सहयोग से न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा बल्कि क्वालिटी भी सुधरेगी।
भारत सरकार ने किया सम्मानित
मूंगफली उत्पादन और किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए रामसा एग्रो को भारत सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है।
DGR के 48वें स्थापना दिवस पर बनी रणनीति
जूनागढ़ में आयोजित वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों की बैठक में उत्पादन बढ़ाने की रणनीति बनाई गई। बैठक में संजय पहारिया ने कहा कि शिवपुरी में मूंगफली के लिए अनुकूल जलवायु है, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सलाह मिलने से किसानों को सीधा लाभ होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. प्रोबीर कुमार घोष, कुलपति विश्व भारती, पश्चिम बंगाल, विशिष्ट अतिथि डॉ. एस.के. झा, ADG, ICAR नई दिल्ली और डॉ. पी.आर. चौधरी, ADG (Seeds), ICAR नई दिल्ली रहे। अध्यक्षता डॉ. वी.पी. चोवटिया, कुलपति जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय ने की।
रिपोर्टर दीपक गुप्ता पिछोर शिवपुरी