घर के अंदर चल रहे कथित अस्पताल में महिला की मौत, इलाज पर उठे गंभीर सवाल
डेंगू पीड़ित महिला की प्लेटलेट्स 8 हजार बताकर कराया गया भर्ती, दो दिन बाद बिगड़ी हालत; परिजनों के हंगामे पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस
बदायूं/सहसवान। घर के अंदर कथित रूप से संचालित किए जा रहे अस्पताल में उपचार के दौरान डेंगू पीड़ित महिला की मौत से हड़कंप मच गया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और कथित चिकित्सक व अस्पताल संचालक पर उपचार में लापरवाही समेत गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ एसडीएम शौर्य अरोड़ा मौके पर पहुंच गए और पूरे मामले की जानकारी ली। मृतका की पहचान आनंदीपुर निवासी अमीना के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक अमीना डेंगू से पीड़ित थीं और उनकी प्लेटलेट्स घटकर करीब 8 हजार रह गई थीं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें सहसवान स्थित उक्त स्थान पर उपचार के लिए लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद कथित चिकित्सक और संचालक ने महिला की रिपोर्ट देखने के बाद उपचार की जिम्मेदारी लेते हुए उसे ठीक करने का भरोसा दिया। उपचार के नाम पर परिजनों से नगदी भी जमा कराई गई। परिजनों के अनुसार करीब दो दिन उपचार चलने के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम शौर्य अरोड़ा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति और परिजनों से मिली शिकायत की जानकारी ली।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बदायूं भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
उपजिलाधिकारी शौर्य अरोड़ा ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में उक्त स्थान पर बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत अस्पताल संचालित होना पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका और सहसवान में नियमों को दरकिनार कर संचालित हो रहे कथित निजी चिकित्सा केंद्रों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
