
अपने आप को वोटर की तरह इस्तेमाल मत होने दो अपनी बुद्धिमानी का प्रयोग करें
और बेहतर विकल्प चुनें !
शिक्षक केवल मतदाता नहीं, समाज के मार्गदर्शक भी हैं!
शिक्षक समाज का सबसे शिक्षित, जागरूक और सम्मानित वर्ग हैं।
उनके विचारों और निर्णयों का प्रभाव केवल उनके विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा समाज उनसे प्रेरणा लेता है। इसके बावजूद राजनीतिक दल अक्सर शिक्षकों की शक्ति और प्रभाव का उपयोग अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफल हो जाते हैं, जबकि उनके वास्तविक हितों और समस्याओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता।
अब समय आ गया है कि शिक्षक राजनीतिक दलों की विचारधाराओं और अंधसमर्थन से ऊपर उठकर अपने सम्मान, अधिकारों और भविष्य के बारे में स्वतंत्र रूप से सोचें।
किसी भी राजनीतिक दल से बढ़कर शिक्षक समुदाय का स्वाभिमान, एकता और हित होना चाहिए।
शिक्षकों को केवल राजनीतिक विचारधाराओं का अनुसरण करने वाला वर्ग नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाला नेतृत्व बनना होगा।
उन्हें एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए और ऐसे बेहतर विकल्प की दिशा में प्रयास करना चाहिए, जो उनकी समस्याओं को समझे और उनके हितों का वास्तविक प्रतिनिधित्व करे।
याद रखिए—जब शिक्षक स्वतंत्र होकर सोचते हैं, तो समाज को सोचने की दिशा मिलती है; और जब शिक्षक एकजुट होते हैं, तो समाज को एक नई शक्ति मिलती है।
इस लिए आप सभी से अनुरोध हैं कि कार्यरत शिक्षक डॉ शरदेंदु कुमार त्रिपाठी को चुने।