
डॉ. शिव कुमार राजपूत ने कहा कि नेत्रदान महादान है। इससे किसी नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति के अंगदान से आठ लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से स्वयं नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूक होने के साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर कॉर्निया प्राप्त कर दो नेत्रहीन लोगों की आंखों की रोशनी लौटाने में मदद की जा सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नेत्रदान और अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
इस मौके पर डॉ. लक्ष्मी नारायण, फार्मासिस्ट चंद्रवीर सिंह, हेल्थ सुपरवाइजर कृपाल सिंह, राहुल यादव, स्टाफ नर्स डोली यादव और रीना लाला सहित स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने नेत्रदान और अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।