स्टेशन रोड से शनिचर बाजार तक माता रानी के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
दुद्धी (सोनभद्र)। शंखनाद , मंत्रोच्चार और मां दुर्गा के जयकारों से ग्राम महुली का वातावरण महानवमी पर भक्तिमय हो उठा। दुद्धी ब्लॉक अंतर्गत महुली क्षेत्र में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में मां सिद्धिदात्री की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद हवन और पूर्णाहुति संपन्न हुई। इसके पश्चात विभिन्न पूजा समितियों की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया। तीनों पंडालों में सेवा, श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महुली के स्टेशन रोड पर पीतरम गौड़ के घर के पास स्थापित दुर्गा पूजा पंडाल में दोपहर तीन बजे से भंडारा शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। समिति के संरक्षक रामलखन कन्नौजिया, अध्यक्ष त्रिपुरारी सिंह, उपाध्यक्ष हिमांशु चौरसिया, कोषाध्यक्ष नितेश कुमार और सचिव गुलशन गोस्वामी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भक्तों को प्रसाद वितरित किया।
इसी क्रम में स्टेशन रोड महुअरिया स्थित बरगद के पेड़ के पास सिद्धेश्वर शिव मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा के पंडाल में पूजा-अर्चना और हवन के बाद यजमान एवं नवदुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष लालमणि शर्मा ने अपनी अर्धांगिनी के साथ दोपहर तीन बजे भंडारे का शुभारंभ किया। समिति के मुख्य संरक्षक एवं ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल, अध्यक्ष लालमणि शर्मा, सेकरार अहमद, दीपक कुमार, गौरी शंकर, भगवानदास कन्नौजिया और प्रकाश चंद प्रजापति सहित अन्य पदाधिकारी श्रद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण कराते रहे।
वहीं, शनिचर बाजार स्थित शिव मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा के पंडाल में यजमान नंदलाल गुप्ता ने विधिवत पूजा-अर्चना कराई। आरती के बाद शाम छह बजे से भंडारा शुरू हुआ। समिति के अध्यक्ष उदय शर्मा, उपाध्यक्ष राजू शर्मा, मनोज कुमार भारती, संरक्षक एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, पंकज गोस्वामी, मुलायम यादव और अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
तीनों पंडालों में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। मां सिद्धिदात्री के चरणों में शीश नवाकर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। महानवमी के इस पावन अवसर पर आयोजित भंडारों ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया। माता रानी के जयकारों से पूरा महुली क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
