लोकेशन/ अजयगढ़
रिपोर्टर/ सुरेश कुमार यादव
अजयगढ़
पन्ना जिले के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र में कथित मारपीट की घटना को लेकर आधा सैकड़ा से अधिक लोगो द्वारा थाना प्रभारी हरी सिंह को एक शिकायती आवेदन सौपा गया।आवेदन मे वन विभाग के13 नामजद लोगो के साथ साथ करीब 150 वन कर्मचारियों पर मारपीट करने,गंभीर चोट पहुंचाने तथा घटना के दौरान मौजूद अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। शिकायत में घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उसके आधार पर आरोपियों की पहचान करने और संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।आज थाना आकर लगभग 26 लोगो के द्वारा अलग अलग आवेदन देते हुए आरोप लगाया है कि वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसके हाथ, पैर सहित शरीर के कई हिस्सों मे गंभीर चोटें आईं।अजयगढ़ थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर को अलग-अलग आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।पीड़ितों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने खेत में घुसकर उनके साथ मारपीट की और उनके बच्चों व महिलाओं को भी चोट पहुंचाई।
*कार्रवाई न होने पर उग्र प्रदर्शन का अल्टीमेटम*
आवेदन के दौरान कमलेश पटेल उर्फ बाबा जी ब्लॉक अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने वन विभाग पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रभावशाली लोगों को छोड़ दिया गया है जबकि गरीब किसानों पर लाठियां बरसाई गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी यदि पुलिस प्रशासन वन विभाग के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करता है, तो वे अंतिम सांस तक लड़ेंगे और उग्र प्रदर्शन व धरना आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
वही भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेश यादव ने कहा कि क्योंकि कही न कही इनके साथ भी मारपीट कि घटना घटी हैं जिसमे इनके हाथ, पैर सहित शरीर के कई हिस्सों मे गंभीर छोटे आई हैं जिससे इनकी भी एफआईआर भी होना आवश्यक हैं। पुलिस को घटना कि सत्यता कि जाँच करके कार्यवाही करनी चाहिए।वही इस पूरे मामले पर अजयगढ़ थाना प्रभारी हरि सिंह ठाकुर का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुए हैं मामले की जांच की जाएगी जांच उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
CCTV फुटेज सुरक्षित कर जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी से घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज को तत्काल सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का आग्रह किया है। आवेदन में कहा गया है कि फुटेज के माध्यम से घटना में शामिल अज्ञात व्यक्तियों तथा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान की जा सकती है। साथ ही, घटना में जंगल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की गई है।
मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर हो जांच
आवेदन में शिकायतकर्ता ने अपने मेडिकल परीक्षण, एक्स-रे और उपचार से संबंधित दस्तावेजों को जांच में शामिल करने की मांग की है। इसके अलावा प्रत्यक्षदर्शियों एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है।
