सकीट। क्षेत्र के गांव इशारा स्थित प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में चल रही रामलीला में बुधवार रात राम विलाप, सुग्रीव मित्रता और बाली वध की लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों का जीवंत चित्रण कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
राम विलाप के प्रसंग में कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय को देखकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। वहीं, राम-सुग्रीव मित्रता की लीला के दौरान पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। बाली वध के मंचन में युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मेला अध्यक्ष मुनेन्द्र सिंह व्यास और शैलेश चतुर्वेदी चौहान ने बताया कि गांव इशारा में रामलीला मेले के आयोजन की परंपरा कई दशकों पुरानी है। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर के प्रति भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है।
इस दौरान राजेश चतुर्वेदी, आरबी दुबे, शिवनाथ भदौरिया सहित कई ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।
