सुरक्षित बचपन ही सशक्त समाज की नींव : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह
गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया द्वारा शुक्रवार को राजकीय कन्या +2 विद्यालय, रमना में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया डॉ. राकेश कुमार सिंह एवं प्राधिकार के सचिव अरविंद कुमार दास एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सरोज कुमारी ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सचिव एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को पुष्पगुच्छ एवं अंग वस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चियों ने स्वागत गीत पेश किया। जिसे प्रधान जिला जज ने सराहना की।
अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह ने छात्राओं को अपनी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में जीने, शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार है। छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकार को देनी चाहिए।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या सरोज कुमारी, शिल्पा भूषण, अरुण कुमार सिंह, पवन कुमार एवं पंकज कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया के कर्मचारी विकास कुमार, प्रतुल कुमार, हारून रशीद, ऋतिक कुमार, जितेंद्र कुमार, विकास कुमार, अजय कुमार एवं अनिल कुमार की सक्रिय सहभागिता रही।
इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को बाल संरक्षण कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, शिक्षा के महत्व तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
रिपोर्टर – त्रिलोकी नाथ गयाजी बिहार
