रितेश कुमार ब्यूरो चीफ बालोद छत्तीसगढ़
बालोद।
अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का शनिवार को उनके पैतृक ग्राम भेण्ड्रा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कांधा देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से दिवंगत विधायक को विदाई दी।
मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों को बंधाया ढांढस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय कोर्सेवाड़ा के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया। अंतिम संस्कार में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, सतनामी समाज के गणमान्य नागरिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
78 वर्ष की आयु में हुआ निधन
स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की आयु में हैदराबाद में उपचार के दौरान निधन हो गया था। शनिवार सुबह उनकी पार्थिव देह विमान से रायपुर पहुंची। स्वामी विवेकानंद विमानतल पर अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद पार्थिव शरीर भिलाई-3 स्थित उनके शासकीय आवास ले जाया गया, जहां परिजनों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने अंतिम दर्शन किए। बाद में पार्थिव देह को उनके पैतृक ग्राम भेण्ड्रा ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद विजय बघेल एवं भोजराज नाग, विधायक पुन्नूलाल मोहले, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
दिवंगत विधायक के सम्मान में सादगी से होगा जिला स्तरीय राज्योत्सव
स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर सम्मान व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन ने 2 नवंबर को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय राज्योत्सव को सादगी से मनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत समारोह के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। अब राज्योत्सव में केवल शासकीय योजनाओं और जिले में हुए विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले की विकास उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।
