राजगढ़।
जिले में जमानत की कार्रवाई के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। बुधवार को धारा 151 के तहत जमानत कराने पहुंचे एक पक्षकार से नायब तहसीलदार कार्यालय के बाबू पर 3 हजार रुपए लेने का आरोप लगा है। मामले से नाराज अधिवक्ताओं ने दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर चेंबर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, देवरी मंदर निवासी गिरधारी तंवर के जमानत प्रकरण में उनके दामाद सांवरिया की ओर से अधिवक्ता संदीप सरावत पैरवी कर रहे थे। आरोप है कि जमानत की प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार कार्यालय में पदस्थ बाबू राहुल ने कथित तौर पर 3 हजार रुपए लिए। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने संबंधित बाबू से रुपए लेने के आरोप पर जवाब मांगा, जिसके बाद काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।
इसके बाद बड़ी संख्या में वकील कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त होने के कारण अधिवक्ताओं ने अपर कलेक्टर प्रतापसिंह चौहान के समक्ष अपनी शिकायत रखी। बार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अविनाश दशेरिया सहित अन्य अधिवक्ताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बंद कमरे में लौटाए गए 3 हजार रुपए
हंगामे के कुछ देर बाद पक्षकार और अधिवक्ताओं को दोबारा बुलाया गया। आरोपों के बीच संबंधित बाबू द्वारा बंद कमरे में 3 हजार रुपए लौटाए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिवक्ताओं ने एक अन्य मामले में 5 हजार रुपए रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए हैं।
कलेक्टर ने बैठाई जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है और जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित दोनों कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर – भविष्य गौर
स्थान – ब्यावरा,Mp
