कटरा श्रावस्ती,
राम जानकी मंदिर कटरा में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के चौथे दिन संध्या में वृंदावन से आए ।

कलाकारों ने विषैले नाक के ऊपर अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत किया वही पंडित सुरेंद्र नाथ पांडे कलाकार वृंदावन रास लीला कमेटी ने कहा कि आज से 450 साल पहले गोस्वामी तुलसीदास ने इस कृष्ण लीला का आरंभ किया था आज भी तुलसी घाट पर कदंब के पेड़ से कृष्ण ( कलाकार) एक यमुना बनी उत्तरवाहिनी गंगा में छलांग लगाते हैं । और कालिका नाक के प्रतिरूप का मान मर्दन कर बांसुरी बजाते हुए लोगों के सामने प्रकट होते हैं ।
मान्यता है कि त्रेता युग में आज के ही दिन भगवान श्री कृष्ण अपने बाल मित्रों के साथ यमुना तट कंदूक क्रीडा कर रहे थे अचानक उनकी गेंद यमुना नदी में गिर गई । तब कदंब के पेड़ से छलांग लगाकर कृष्ण यमुना में कूद गए । उस समय यमुना में कालिका नामक एक विशाल नाग रहता था । जिसने पूरे गांव में दहशत फैला रखी थी । भगवान श्री कृष्ण ने गेंद निकलने के बहाने उस नाग से युद्ध कर उसपर विजय प्राप्त की और उसके सिर पर चढ़कर बांसुरी बजाते हुए यमुना से बाहर निकले । इस प्रकार कृष्ण ने गांव को कालिका नाग से और यमुना को उसके विष से मुक्ति दिलाई । उक्त अवसर पर धनीराम, नंदलाल साहू ,विजय कुमार सोनी, संतोष पटवा ,अमेरिका जयसवाल, रविंद्र कुमार चौहान, दिनेश चौरसिया सूरज , अमित जायसवाल लवकुश गुप्ता, पृथ्वी गुप्ता ,अनुराग चौधरी , सिद्धनाथ जयसवाल ,संजय गुप्ता आदि लोग मौजूद रहेl
शिवा जायसवाल
जिला संवाददाता श्रावस्ती