गुजरात। पाटण के ऐतिहासिक श्रीमंत फतेहसिंहराव सार्वजनिक पुस्तकालय द्वारा स्वर्गीय कीर्तिकुमार जयसुखराम पारधी के सौजन्य से मुझे जानो कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार शाम को आस्था हॉल में 100 वर्ष कैसे जिएं विषय पर प्रोफेसर श्री प्रफुल्लभाई पोरधिया द्वारा सुंदर व्याख्यान दिया गया। उन्होंने 100 वर्षों से भी अधिक समय तक इस एक दुनिया में रहने वाले सभी लोगों का अध्ययन और शोध किया है जिसमें उन्होंने दुनिया के पांच अलग-अलग क्षेत्रों के अध्ययन का बहुत ही विचारशील विवरण दिया है। उनके प्रवचन के अनुसार, भोजन में 20% भूखा रहना, टीम भावना, अतीत को भूल जाओ, बहुत धीरे-धीरे काम करो, शाकाहारी भोजन खाओ, साहसिक कार्य करो, विश्वास रखो, सक्रिय रहो, गरीबों की मदद करो, एक-दूसरे के प्रति गर्मजोशी रखो, जितना संभव हो मशीनों का उपयोग कम करो, भोजन के बाद आराम करना, प्रकृति से प्रेम करना, खुली हवा में रहना आदि…।
इस अवसर पर अध्यक्ष डाॅ. शैलेश बी. सोमपुरा ने स्वागत किया और लाइब्रेरीकी ब्यूटी पार्लर क्लासेस और कंप्यूटर क्लासेस के बारे में जानकारी दी। पाटन के विद्यार्थियों के लिए रियायती दर पर 8 अप्रैल से 7 जून तक कम्प्यूटर क्लास प्रारंभ की गई हैं। इस अवसर पर संयोजक नगीनभाई डोडिया ने वक्ता का परिचय दिया। धन्यवाद ज्ञापन महासुखभाई मोदी ने किया.
इस अवसर पर श्री जयनारायण व्यास साहब द्वारा लिखित 27 पुस्तकें पुस्तकालय को भेंट सिद्धपुर से श्री ज्योतिन्द्र भाई भट्ट के साथ भेजी गई, जिनकी संस्था द्वारा बहुत सराहना की गई।