वृद्धावस्था पेंशन घोटाला: दस्तावेज़ों में हेरफेर कर लाभ ले रही महिला, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
संवाददाता दित्यपाल राजपूत
[शहडोल], [17 अक्टूबर 2024]: शहडोल जिले के जनपद पंचायत ब्यौहारी के अंतर्गत ग्राम पंचायत बहेरिया में वृद्धावस्था पेंशन योजना में एक गंभीर धांधली का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला लाभार्थी करुणा सिंह पति अनिल सिंह ने अपने दस्तावेज़ों में हेरफेर कर पेंशन का गलत लाभ लिया। महिला के तीन अलग-अलग दस्तावेज़ों—राशन कार्ड, समग्र आईडी और पेंशन आवेदन—में अलग-अलग उम्र दर्ज है, जिससे यह संदेह पुख्ता हो रहा है कि वह योजना का गलत तरीके से लाभ उठा रही है। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद, अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले का विवरण
लाभार्थी करुणा सिंह के राशन कार्ड में उसकी उम्र 52 वर्ष बताई गई है, जबकि समग्र आईडी में 61 वर्ष दर्ज है। सबसे गंभीर बात यह है कि पेंशन दस्तावेज़ों में उसने अपनी उम्र अपने पति से भी अधिक दिखाई है, ताकि वह वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त कर सके। महिला द्वारा यह पेंशन अपने पुश्तैनी निवास से ली जा रही है, जबकि उसका नाम ग्राम पंचायत बहेरिया की मतदाता सूची में है, जिससे और भी संदेह पैदा हो रहे हैं।
शिकायतें दरकिनार
लाभार्थी की ओर से गलत जानकारी देकर पेंशन लेने के मामले में लिखित शिकायत जिला पंचायत सीईओ और राज्य आयोग को सौंपी गई है, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जनपद पंचायत ब्यौहारी में कुछ दबंग और प्रभावशाली लोगों का हुक्म चलता है, जिसके कारण प्रशासन मामले पर चुप्पी साधे हुए है।
प्रभावशाली लोगों का दबदबा
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ब्यौहारी जनपद पंचायत में कुछ प्रभावशाली लोगों का इतना अधिक प्रभाव है कि इस तरह के मामलों पर ध्यान नहीं दिया जाता। “लिखित शिकायतों के बावजूद, कोई जांच शुरू नहीं की गई है, और करुणा सिंह लगातार पेंशन का गलत लाभ उठा रही है,” एक शिकायतकर्ता ने बताया। यह मामला स्थानीय प्रशासन के भ्रष्टाचार और अनदेखी की ओर इशारा करता है।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। “हम चाहते हैं कि महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस तरह से गलत जानकारी देकर पेंशन का लाभ लिया जा रहा है,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।
निष्कर्ष
यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सही दस्तावेज़ों की जांच की कमी को उजागर करता है। जब तक प्रशासन इस तरह के मामलों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगा, सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग होता रहेगा, और सही लाभार्थी इन योजनाओं से वंचित रहेंगे।
सुधार की अपील
प्रशासन और सरकार से अपील की जा रही है कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करें और यह सुनिश्चित करें कि पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद व्यक्तियों तक पहुंचे, ताकि ऐसी धांधलियों को रोका जा सके।
जिला ब्यूरो
दित्यपाल राजपूत