शासन एवं प्रशासन द्वारा हजारों की संख्या में औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र(ITI) छात्रों के साथ खिलवाड़, छात्र हुए परेशान
मध्य प्रदेश के हजारो छात्रो के भविष्य साथ डी जी ई टी, शासन, प्रशासन कर रहा खिलबाड 2 साल के कोर्स को हुए 3 से 4 साल छात्रों को नही मिला आई टी आई डिप्लोमा। अखिल भारतीय आईटीआई छात्र संघ प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि डी जी ई टी शासन प्रशासन छात्रों को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है। यदि छात्र आंदोलन करते है तो उसके लिए प्रशासन स्वेम जिम्मेदार होगा। और डी जी ई टी से छात्रों की समस्या का जल्द से जल्द निराकरण कर ओपन बुक प्रणाली से परीक्षा सम्पन्न कराने की अपील की। इसी क्रम मे मध्य प्रदेश आई टी आई महासघ के प्रदेश अध्यक्ष शेलेंद्र प्रताप सिंह से बात की तो उन्हों ने बताया कि मध्य प्रदेश में आईटीआई संस्थाओं के संचालकों ने छात्रो की फीस कर्ज लेकर भरी है परंतु केवल 20 प्रतिशत छात्र ही परिक्षा दे पायै है। जिसको लेकर आईटीआई महासंघ एक बडे घोटाले की आशंका से भी इंकार नही कर पा रहा अन्यथा सारे विश्वविद्यालय ओपन बुक प्रणाली से परीक्षा सम्पन्न करा रहे हैं। यहां तक भारत की विश्वसनीय संस्था सीबीएसई ने भी प्रमोशन को स्वीकार किया है परंतु डीजिईटी जिसने छात्रो की फीस ओथेंटिक माध्यम से न लेकर केवल वाट्स ऐप्प पर लिंक भेज कर जमा कराना संदेह को उत्पन्न करता है। महासंघ कोर्ट कैस करने के साथ आंदोलन के लिए भी बाध्य होगा।
वाइट आईटीआई छात्र संघ प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह
वाइट आई टी आई महासंघ मध्य प्रदेश अध्यक्ष शेलेंद्र प्रताप सिंह। मुरैना जिले से ब्यूरो चीफ शैलेन्द्र सिंह धाकड़