अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल। नरवाई जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर जिला किसान कांग्रेस, बैतूल द्वारा राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। इस दौरान जिलाध्यक्ष रमेश गायकवाड़ ने कहा कि यह अत्यंत दुःख की बात है कि भाजपा सरकार लगातार भोले-भाले किसानों को अपराधी बनाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा रही है।
रमेश गायकवाड़ ने कहा कि वर्तमान भाजपा शासनकाल में किसानों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। एक ओर उन्हें फसलों के वाजिब दाम नहीं मिलते, दूसरी ओर नरवाई जलाने जैसी मजबूरी को अपराध बताकर उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान आज बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और खेती के साधनों के लिए जमीन तक बेचने को मजबूर हो गया है।
उन्होंने बताया कि मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण गेहूं की कटाई हारवेस्टर से करनी पड़ती है, जिससे नरवाई खेतों में ही बच जाती है। इस नरवाई को नष्ट करने के लिए सुपर सिडर, रोटावेटर जैसे कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है जो 60 एचपी या उससे अधिक क्षमता के ट्रैक्टरों से चलते हैं, जबकि 90 प्रतिशत किसानों के पास छोटे ट्रैक्टर हैं। ऐसे में बिना नरवाई जलाए बोवनी संभव नहीं है।
किसान कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार को किसानों की चिंता होती तो पहले उन्हें प्रशिक्षण देती, नरवाई नष्ट करने के यंत्र उपलब्ध कराती। किसान समझदार है, उसे पर्यावरण के नुकसान का ज्ञान है, लेकिन जब साधन ही न हों तो सरकार से ही सहयोग की अपेक्षा की जाती है।
रमेश गायकवाड़ ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में किसानों को फसलों के वाजिब दाम, अनुदान, बोनस, सस्ती बिजली, खाद-बीज, शिक्षा व चिकित्सा मिलती थी। किसान आत्मनिर्भर था, लेकिन भाजपा सरकार में सब कुछ महंगा हुआ, किसानों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी में किसानों की जमा पूंजी पहले ही खत्म हो चुकी है, अब सम्मान निधि बंद करने की धमकी देकर डराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि से अधिक नुकसान उन्हें समर्थन मूल्य न मिलने से हो रहा है। यदि किसानों को सही दाम मिलें तो वे हर प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि अनुदान के नाम पर घटिया और बाजार से महंगे उपकरण किसानों को दिए जा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से किसान कांग्रेस ने मांग की है कि नरवाई जलाने पर किसानों पर दर्ज एफआईआर को तत्काल वापस लिया जाए और सरकार सार्वजनिक रूप से किसानों से माफी मांगे। अन्यथा किसान कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी करेगी।
ज्ञापन देने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के सचिव अक्कू पटेल, सरपंच सोनू धुर्वे, उमराव धोटे, रमेश बरडे, परशराम दवंडे, आनंदराव धोटे, बाबूराव गायकवाड, संजू डेंगे, गजा वामनकर, मुन्नालाल, डागा पवार, गणेश धोटे शामिल थे।