कृषि वैज्ञानिकों के दलों को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झण्डी
गाँव-गाँव में किसानों को सिखायेंगे उन्नत कृषि तकनीक
ग्वालियर 29 मई 2025/ विकसित कृषि संकल्प अभियान के पहले दिन यानि 29 मई को जिले के गाँवों में उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी देने के लिये कृषि वैज्ञानिकों के चार दल विशेष वाहनों से रवाना हुए। प्रत्येक दल में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं कृषि विश्वविद्यालय व कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक शामिल हैं। यहाँ मेला रोड स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र से जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर श्री जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत एवं सर्वश्री गिर्राज व्यास व रूपेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों ने हरी झण्डी दिखाकर वैज्ञानिकों के वाहनों को रवाना किया।
ग्वालियर जिले में भी विकसित कृषि संकल्प अभियान 29 मई से 12 जून तक चलेगा। यह अभियान भारत सरकार के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय की पहल पर आयोजित हो रहा है। अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन व कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी भी गाँव-गाँव पहुँचकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीक की बारीकियाँ बतायेंगे।
कृषि वैज्ञानिकों के दल अभियान के प्रत्येक दिन जिले के हर विकासखंड की तीन पंचायतों में पहुँचेंगे और किसानों को खरीफ फसलों से संबंधित उन्नत कृषि तकनीक की जानकारी देंगे। इस दौरान कृषकों के अनुभव एवं उनके द्वारा अपनाए गए नवाचारों का संकलन भी किया जायेगा।
कृषि विज्ञान केन्द्र से कृषि वैज्ञानिकों के दलों को रवाना करते समय राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. वाय पी सिंह, उप संचालक कृषि श्री आर एस शाक्यवार, कृषि महाविद्यालय के प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. एस के त्रिवेदी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य श्री योगेश शर्मा एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री शैलेन्द्र सिंह एवं उप संचालक किसान कल्याण व कृषि श्री आर एस शाक्यवार ने बताया कि अभियान के दौरान कृषि – ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन, धान की सीधी बुवाई पद्धति व सोयाबीन फसल में मशीनीकरण इत्यादि के बारे में जानकारी दी जायेगी। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में सुझाई गईं विभिन्न फसलों के चयन व संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिये भी जागरूक किया जायेगा। इस दौरान किसानों से फीडबैक भी लिया जायेगा।
रिपोर्ट गजेन्द्र सिंह यादव