भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने अवैध तरीके से बेची जारही कीटनाशक दवाओं कर रोक लगाने की मांग
रिपोर्टर
जनपद बिजनौर के
नगीना। द्वारिकेश शुगर मिल द्वारा ट्रैक्टर ट्राली से क्षेत्र में अवैध रूप से कीटनाशक दवाइयां सप्लाई करने पर क्षेत्र के किसानों ने कीटनाशक दवाइयां को रुकवा दिया।और उनसे पेपर मांगने पर जब संतोष जनक जवाब नहीं मिला तो किसानों ने भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही व तहसील अध्यक्ष नमेद्र सिंह को इसकी जानकारी दी। जिला अध्यक्ष ने तुरंत जिला कृषि अधिकारी को सूचना दी जिला कृषि अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर ट्राली में भरी कीटनाशक दवाई के सैंपल भी लिए। मौके पर पहुंचे यूनियन के कार्यकर्ताओं मिल परिक्षेत्र से बाहर दवाई बेचने पर हंगामा कर दिया। जिससे हंगामा बढ़ते हुए कुछ मिल पक्ष के लोगों ने यूनियन के कार्यकर्ताओं से अभद्रता कर दी। जिस पर यूनियन कार्यकर्ता बिगड़ गए। बाद में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह के पहुंचने मिल के उच्च अधिकारियों द्वारा माफी मांगने का आश्वासन देने पर मामला शांत हुआ।
मंगलवार के दोपहर द्वारिकेश शुगर मिल से कीटनाशक दवाइयां भरा एक ट्रैक्टर हैजरपुर क्षेत्र में जगह-जगह कीटनाशक दवाइयां उतार रहे थे। तभी कुछ किसानों ने कीटनाशक से भारी दवाइयां के ट्रैक्टर को रोक लिया। और उनसे दवाई बेचने का कारण पूछने लगे तथा उनके पेपर देखने लगे जिस पर मिल कर्मचारी कोई पेपर नहीं दिखा सके। तो किसानों ने किसान यूनियन अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष को फोन कर दिया जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही व तहसील अध्यक्ष नमेद्र सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और ट्रैक्टर ट्राली से बेच रही दवाइयां के पेपर दिखाने को कहने लगे लेकिन ट्रैक्टर पर तैनात कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिला अध्यक्ष नितिन सिरोही ने जिला कृषि अधिकारी को फोन कर बुला लिया। कृषि अधिकारी ने ट्रैक्टर ट्राली की कीटनाशक दवाइयां के सैंपल लेकर मिल अधिकारियों को नोटिस दे दिया। यूनियन के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में दवाई बेचने पर जब मिल अधिकारियों से पूछा गया तो जमकर हंगामा होने लगा तथा यूनियन के कार्यकर्ता के साथ मिल पक्ष के किसी व्यक्ति ने अभद्रता कर दी जिस पर यूनियन के कार्यकर्ता व जिला अध्यक्ष भड़क गए। और इसकी सूचना उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह को दी। मौके पर पहुंचे दिगंबर सिंह ने मिल अधिकारियों में जिला कृषि अधिकारी को भी जमकर हडकातें हुए कहा कि मिल परिक्षेत्र के बाहर कोई भी कीटनाशक दवाई न बेची जाए। प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि मिल के उच्च अधिकारियों ने माफी मांगने का आश्वासन देते हुए लगभग 7 घंटे चले हंगामे के बाद मामले को शांत कर दिया। मिल गन्ना प्रबंधक यशपाल सिंह ने बताया कि किसानों की मांग पर उन्हें क्षेत्र में दवाई वितरित की जाती है। तथा कीटनाशक का लाइसेंस बना हुआ है। जब किसानों के अधिक डिमांड रहती है तो अपने अपने वाहन से दवाइयां को क्षेत्र में वितरित कर देते हैं। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मिल द्वारा जो क्षेत्र में दवाई बेची जा रही थी उसका सैंपल ले लिया गया। तथा कीटनाशक का लाइसेंस देखा गया है और किसानों के नाम जो बिल बने हुए हैं उन्हें ले लिया गया है। और मिल अधिकारियों को नोटिस दे दिया गया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष युवा दिगंबर सिंह ने बताया कि मिल द्वारा जो कीटनाशक दवाइयां बेची जा रही थी। उनका जिला कृषि अधिकारी से सैंपल भरवा दिया है। तथा मिल अधिकारियों द्वारा बुधवार को मामले के संबंध वार्ता होगी। इसलिए तत्काल मामले को शांत कर दिया गया है।