विधायक राजीव सिंह को विंडो सीट पर बैठने का चस्का है, लेकिन उन्हें विंडो सीट नहीं मिली।
ट्रेन में चढ़ते ही वो एक यात्री से बोले- विंडो सीट से हटो, मुझे यहां बैठना है। यात्री ने साफ मना कर दिया।
विधायक जी को ये बात नागवार गुजरी, वो बोले- तुझे समझ नहीं आता.. मैं विधायक हूं। चल आगे तेरी औकात बताता हूं।
विधायक जी ने तुरंत कॉल करके अपने गुंडे-मवाली समर्थकों को झांसी स्टेशन पर बुलवा लिया। जैसे ही वंदे भारत ट्रेन झांसी स्टेशन पहुंची, विधायक जी के पालतू गुंडे ट्रेन में चढ़ गए।
BJP विधायक ने गुंडों से कहा- ये आदमी मुझे सीट नहीं दे रहा था, इसे सबक सिखाओ। फिर क्या था, गुंडे यात्री पर टूट पड़े, इतना मारा कि उनकी नाक से खून निकलने लगा।
गनीमत रही कि ट्रेन चल पड़ी और विधायक जी को झांसी में ही उतरना था, इसलिए यात्री की जान बख्श दी गई।
विधायक जी खुद को अमित शाह का बेहद करीबी बताते हैं। घूम-घूमकर कहते हैं- शाह जी मेरे मार्गदर्शक हैं। मैंने ‘जनता की सेवा’ करना उन्हीं से सीखा है।