मामला विकासखंड कमासिन के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत विनवट का है जहां पर ग्राम पंचायत का कार्यकाल लगभग पूरा होने को है परंतु दुर्भाग्य बस ग्राम पंचायत का मुख्य केंद्र पंचायत भवन आज भी अपने हालात पर आंसू बहा रहा है इस ओर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी सहित समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर्ता अधिकारी की आज तक नेक नजर नहीं पहुंची भवन की बिल्डिंग हो रही बरसात में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होकर चू रही है और पूरी इमारत की दीवारों पर किसी तरह का रंग रोगन ना होने के कारण काई ने अपना अधिकार जमा रखा है साथ ही इस भवन के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यहां पर किसी प्रकार का कोई वृक्षारोपण भी नहीं किया गया परंतु दुर्भाग्य बस निरीक्षण करता अधिकारी और शासन द्वारा अधिकृत आडीटरों द्वारा शासन को प्रेषित की जाने वाली झूठी रिपोर्टे भले ही सरकारी दस्तावेजों की फाइलों में क्यों ना धूल खा रही हो परंतु वास्तविकता यह है कि गांव में स्थित बद से बदतर बनी हुई है ऐसे में जागरूक लोगों को आशंका है कि तरह-तरह की जन उत्थान की तमाम योजनाओं का क्रियान्वयन भी कहीं इसी तरह झूठी रिपोर्ट तक सीमित तो नहीं है इसका सक्षम अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण होना अति आवश्यक है।शासन द्वारा तमाम ग्रामीणों को दी जाने वाली सुविधाओं का कहीं अता पता नहीं की ग्राम पंचायत में आने वाली सरकारी सुविधाओं को कैसे ग्रामीण तक पहुंचाया जाता है इसका जवाब ना तो ग्राम प्रधान के पास में है और ना ग्राम पंचायत अधिकारी के पास इन सब कारनामों को देखते हुए ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
बांदा से संवाददाता, विनय सिंह की रिपोर्ट