मोहर्रम की सातवीं तारीख में निकाला गया मेहंदी पलंग का जुलूस भारी पुलिस बल रहा मौजूद
बबेरू कस्बे में मोहर्रम की सातवीं तारीख पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मातमी धुन पर मेहंदी पलंग पारंपरिक रास्तों से निकाला है जिसमें बड़ा इमामबाड़ा पर कस्बे के सभी मेहंदी पलंगों का मिलाप कराया गया। जिसमें जुलूस में हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
बबेरू कस्बे में गुरुवार को मोहर्रम की सातवीं तारीख को लेकर
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम कासिम की याद में मेहंदी पलंग का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने हज़रत इमाम कासिम की शहादत को याद करते हुए और उनके सम्मान में मातम मानते हुए जुलूस में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं इस जुलूस में अकीदतमंदो की भारी भीड़ शामिल रही, यह जुलूस एक पारंपरिक रास्ते से होकर गुजरा जिसमें अकीदतमंदो के द्वारा शोक और गम के साथ जुलूस में शामिल हुए, मेहंदी पलंग का जुलूस बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड से होकर कमासिन और स्थित इमामबाड़े पहुंचा, जहां मेहंदी पलंग का मिलाप करवाया गया। उसके बाद कमासिन रोड इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा मेहंदी पलंग जुलूस पहुंचा। जिसमें बड़े इमामबाड़ा में सभी मेहंदी पलंगों का मिलाप करवाया गया। वहीं ढाल सवारिया मातमी धुन पर ढोल नगाड़ों के साथ निकले, और मातम किया। वही बड़ा इमामबाड़ा से गांधीनगर, शास्त्री नगर, आजाद नगर, श्रृंगार थोक, राघव थोक ,सुंदर कुआं होते हुवे मुख्य चौराहा से होकर पुनः अपने-अपने इमामबाड़ों पर मेहंदी पलंग पहुंचा इस मौके पर हुसैनी कमेटी के अध्यक्ष शकील खान सफीक अली नफीस अहमद गुलाम मुस्तफा मंसूर अहमद फैज खान गुड्डू खान, अजमेर अली , अली रजा, कासिम खांन, पप्पू कुरैशी, मोईन कुरैशी, राजू खां, शाहजादे खान, रिजवान अली, उमर अली, हाफिज एतबार अली, मौजूद रहे। वही मेहंदी पलंग जुलूस पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल मौजूद रहा।
बांदा से संवाददाता, विनय सिंह की रिपोर्ट