✍राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी में यातायात अव्यवस्था: जाम का कहर, नागरिक परेशान
कटनी, मध्य प्रदेश: संगमरमर नगरी के नाम से मशहूर कटनी शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। विशेष रूप से शहर के मुख्य मार्ग, रेलवे स्टेशन चौराहे से शंकर टॉकीज रोड तक, आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग पर यातायात का सुचारु प्रवाह पूरी तरह से चरमरा गया है, जिससे न केवल आम नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जाम की मुख्य वजहें
इस मार्ग पर बढ़ती यातायात अव्यवस्था के पीछे कई कारण सामने आए हैं:
1.ओवरलोड वाहनों का दबदबा सड़कों पर खड़े ओवरलोड ट्रक और अन्य भारी वाहन यातायात के प्रवाह में सबसे बड़ी बाधा बन रहे हैं। ये वाहन न केवल सड़क को अवरुद्ध करते हैं, बल्कि सड़क के किनारे अनधिकृत पार्किंग से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
2.अव्यवस्थित दोपहिया वाहन :दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने बेतरतीब ढंग से खड़े दोपहिया वाहन फुटपाथ और सड़क के बड़े हिस्से को घेर लेते हैं। इससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों दोनों को असुविधा होती है।
3.यातायात नियमों की अनदेखी : यातायात नियमों का पालन न करना और सिग्नल तोड़ने की प्रवृत्ति भी इस अव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा, सड़क पर अतिक्रमण और अनियोजित पार्किंग ने समस्या को और जटिल कर दिया है।
4.सड़क की संकरी चौड़ाई : रेलवे स्टेशन चौराहे से शंकर टॉकीज रोड तक की सड़क की चौड़ाई बढ़ते यातायात के दबाव को संभालने में अपर्याप्त साबित हो रही है। नागरिकों की परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर रोज़ाना सुबह और शाम के समय जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कई बार घंटों सड़क पर खड़े रहना पड़ता है। स्कूल, कॉलेज, कार्यालय और बाजार जाने वाले लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई होती है। एक स्थानीय दुकानदार, रमेश पटेल ने बताया,जाम के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे हमारा व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।आपातकालीन सेवाओं के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक है। एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों को जाम में फंसने के कारण मरीजों और आपदा प्रभावितों तक समय पर पहुंचने में देरी हो रही है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। एक स्थानीय निवासी, शालिनी वर्मा ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा,पिछले हफ्ते एक एंबुलेंस को जाम में फंसा देखा। यह देखकर बहुत दुख हुआ कि मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
प्रशासन की उदासीनता
नागरिकों का आरोप है कि यातायात पुलिस और नगर निगम इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। यातायात पुलिस की मौजूदगी इस मार्ग पर नाममात्र की रहती है, और जब भी कोई कार्रवाई होती है, वह अस्थायी और अपर्याप्त साबित होती है। स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश मिश्रा ने कहा, “हमने कई बार प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन कोई स्थायी हल नहीं निकाला गया।
समाधान के लिए सुझाव
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई सुझाव दिए हैं:
-सख्त यातायात नियंत्रण : ओवरलोड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई और अनधिकृत पार्किंग पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
-वैकल्पिक मार्गों का विकास: शहर में वैकल्पिक मार्गों का निर्माण और मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण किया जाए।
-पार्किंग व्यवस्था: दुकानों के सामने व्यवस्थित पार्किंग स्थल बनाए जाएं ताकि दोपहिया और अन्य वाहनों को सड़क पर खड़ा न करना पड़े।
-यातायात पुलिस की तैनाती: भीड़-भाड़ वाले समय में रेलवे स्टेशन चौराहे और शंकर टॉकीज रोड पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।
-जागरूकता अभियान: यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएं।
प्रशासन से अपील
कटनी के नागरिकों ने जिला प्रशासन और यातायात विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह अपेक्षा की जा रही है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेगा और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाएगा। यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो शहर की यातायात व्यवस्था और बदतर हो सकती है, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ेगा।
लेखत: हरिशंकर पाराशर