रिपोर्ट अनिल सोनी
ब्यूरो चीफ बहराइच
बहराइच 22 सितम्बर। कृषि विभाग बहराइच के तत्वावधान में वन सरिता रिसार्ट गोण्डा रोड बहराइच में आयोजित 01 दिवसीय खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी, जनपद स्तरीय आत्मा किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी, कृषक वैज्ञानिक संवाद तथा जनपदीय मिलेट्स मेला एवं जनपद स्तरीय आयलसीड तिलहन किसान मेला का सांसद बहराइच डा. आनन्द कुमार गोड़ ने फीता काटकर शुभारम्भ किया। इसके पश्चात् मेले में लगाये गये कृषि, उद्यान, मत्स्य, रेशम तथा निजी कम्पनियों तथा किसानों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद को अच्छी मार्केटिंग से जोड़कर आय वृद्धि को बढ़ाया सकता है। उन्होंने एफपीओ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि जनपद में गठित कराये गये एफपीओ द्वारा बड़े पैमाने पर कलस्टर लेबल पर फार्मिंग को ही अपनाकर अच्छी आय वृद्धि की जा सकती है। एफपीओ प्रत्येक नई तकनीकी से जुड़े तथा कलस्टर में खेती करेंगे तो बड़ी-बड़ी कम्पनियां स्वयं उनके दरवाजे पर आकर अच्छा मूल्य देकर उनकी आय में वृद्धि सम्भावित है वरना एफपीओ गठन का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। सांसद बहराइच ने उपस्थित किसानों से देशी बीजों का उपयोग अधिक से अधिक करने तथा हाईब्रिड बीजों का उपयोग नगण्य करने की अपेक्षा की। उन्होनें कहा कि वर्ष 2014 से पहले किसानों को यह सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल रही थी। देश के प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में अनेकों कृषि एवं अन्य योजनाएं किसानों के हितार्थ संचालित की जा रही है आज किसानी घाटे का सौदा नही है। यदि हम रासायनिक उर्वकों का प्रयोग न करें तथा गाय के गोबर एवं गऊमूत्र से जीवा मृत, बीजा मृत, घनजीवा मृत तैयार कर अपनी फसलों में उपयोग करते है तो निश्चित रूप से विषमुक्त उत्पादन प्राप्त होगा। जो मानव स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा। तथा हमारी मात्रभूमि तथा पर्यावरण स्वस्थ्य रहेगा। सांसद श्री गोड़ ने कहा कि आज किसानों को उनके फसल का वाजिब मूल्य दिलाया जा रहा है। मत्स्य, डेरी तथा पशुपालको को केसीसी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे कृषकों को समय पर कृषि निवेश क्रय कर अपनी खेती समय से कर सके। यदि अन्नदाता समृद्ध नहीं होगा तो आत्म निर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा। आधुनिक तकनीकी डिजिटल मण्डी फसलों की निगरानी शुरू की गयी है। अन्य भण्डारण के लिए किसानों को अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिले में ग्रामीण गोदाम, भण्डारण केन्द्र बनाये गये है। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडेक्ट के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य श्री अन्न एवं दहहन तिलहन का उत्पादन बढ़ाने हेतु निःशुल्क मिनीकिट बीज किसानों को उपलब्ध कराये जा रहे है जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ रही है। मई, जून में लैब से लैण्ड तक (विकसित कृषि संकल्प अभियान) कृषि वैज्ञानिकों को भारत सरकार ने फील्ड में उतारा। किसानों को कृषि एवं विषमुक्त खेती की तकनीकी जानकारी ग्रामीण किसानों तक पहुंचायी गयी। जिससे जनपद के किसानों की कृषि तकनीकी में वृद्धि होने से गुणवत्तायुक्त फसलों उत्पादन कर आय वृद्धि कर सके। उन्होनें बताया कि 03 अक्टूबर से पुनः विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत गांव-गांव में कृषि वैज्ञानिकों की टीम किसानों को प्रशिक्षित करेंगी। सांसद बहराइच ने बताया कि जनपद मुख्यालय पर मृदा परीक्षण लैब उलब्ध है जो 01 से डेढ़ मिनट में मिट्टी की जांच कर परिणाम उपलब्ध करा देगी। जिसके आधार पर ही अपने खेतों में खाद का उपयोग करें।
सीडीओ मुकेश चन्द्र ने कहा कि जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेला आयोजन के माध्यम से जनपद के दूरस्थ ग्रामों में निवास करने वाले किसानों को कृषि की तकनीकी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है। जनपद के बहुत से किसान कई फसलों में अच्छा उत्पादन कर रहे है उन्होनें कृषि विभाग को निर्देश दिये कि जो किसान जिले में अच्छा कार्य कर रहे है उन्हें उसका भ्रमण कराकर उन्हें अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु प्रेरित करें। किसानों को आर्गेनिक फार्मिंग कर विषमुक्त खेती की ओर बढ़ना होगा।
उप कृषि निदेशक बहराइच ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। तथा जनपद में विषमुक्त खेती/प्राकृतिक खेती हेतु जिले में कराये जा रहे कार्यो की जानकारी दी। जनपद में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले प्रगतिशील कृषक शिवशंकर सिंह मिहीपुरवा में किसानों को प्राकृतिक खेती करने के तरीके बताये। उन्होनें कहा कि प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर और गौमूत्र से बने जीवा मृत, घनजीवा मृत के माध्यम से शून्य लागत पर खेती कर आय वृद्धि की जाय। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि जनपद में सब्जियों की प्राकृतिक खेती हेतु अनेक तरीके अपनाये जा रहे है। उसमें फेरोमेन ट्रेप, लाइट ट्रेप का बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे किसान रसायनों का उपयोग नही ंके बराबर करें।
इस अवसर पर आरएसएस विभाग सम्पर्क प्रमुख धमेन्द्र सिंह, विभाग कार्यवाह अम्बिका प्रसाद वर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रणविजय सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष केबीके बहराइच सीपीएम गौतम, डॉ अरूण कुमार राजभर, डॉ प्रिया सिंह, जिला कृषि अधिकारी सबूदार यादव, शिशिर कुमार वर्मा, डॉ सौरभ वर्मा, सहायक निदेशक रेशम एम.के. सिंह, अग्रणी जिला प्रबन्धक जितेन्द्र मसंद, पीपीओ प्रियानन्दा, प्रगतिशील कृषक जितेन्द्र सिंह, रामसेवक वर्मा, आदित्यभान सिंह, लालता प्रसाद, मुन्ना लाल वर्मा, सर्वजीत वर्मा, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, बब्बन सिंह, कुलदीप वर्मा, राम प्रकाश मौर्या, सुधाकर शुक्ला सहित कृषि विभाग के समस्त अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में प्रगतिशील एवं महिला कृषक तथा कृषि सखी/सीआरपी मौजूद रही। इस अवसर पर इनसीटू योजना अन्तर्गत जनपद स्तरीय कृषक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिसमें जिले के 04 किसानों को कस्टर हायरिंग सेण्टर एवं कृषि यंत्र क्रय करने वाले कृषकों को मा. सांसद बहराइच ने ट्रेक्टर की चाभी व स्वीकृति _पत्र_ तथा ट्रैक्टरों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।