कैमोर का ऐतिहासिक दशहरा उत्सव : 85 फीट ऊंचे रावण का हुआ भव्य दहन
कैमोर। एसीसी रामलीला मैदान में विजयादशमी के अवसर पर 86 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हजारों दर्शकों की मौजूदगी में धूमधाम और गगनभेदी आतिशबाजी के बीच संपन्न हुआ।18 सितंबर से प्रारंभ हुए रामलीला उत्सव का समापन 2 अक्टूबर को ऐतिहासिक रावण दहन के साथ हुआ। मूसलाधार बारिश के कारण कुछ अनियमितताओं के बावजूद दोपहर से ही आसपास के गांवों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। दोपहर लगभग 2 बजे मां शारदा की अद्भुत झांकी का चल समारोह निकाला गया, जिसमें श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते हुए मूर्ति विसर्जन घाट पहुंचे और मां शारदा की प्रतिमा का विसर्जन किया।शाम 8:30 बजे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक संजय सतेंद्र पाठक का आगमन हुआ। उन्होंने विजयादशमी को असत्य पर सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए सभी को दशहरे की शुभकामनाएं दीं। साथ ही संघ शताब्दी वर्ष की बधाई देते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्र निर्माण के कार्यों का उल्लेख किया।इसके बाद विधायक के नेतृत्व में “सियावर रामचंद्र की जय” का उद्घोष हुआ। मंच पर भगवान श्रीराम और रावण युद्ध का नाट्य मंचन हुआ। तत्पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने इलेक्ट्रिक तीर छोड़ा, जो रावण की नाभि पर लगा और देखते ही देखते रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले अग्नि की लपटों में जल उठे गगनभेदी आतिशबाजी से आकाश रंग-बिरंगा हो गया और दशहरे का यह ऐतिहासिक क्षण हर किसी के लिए अविस्मरणीय बन गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एसीसी अडानी सीमेंट प्रबंधन और रामलीला उत्सव समिति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं स्थानीय पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अतिरिक्त बल की मौजूदगी ने मैदान में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखा।
आपको बता दें कि एसीसी रामलीला मैदान में 3 से 5 अक्टूबर तक ऑर्केस्ट्रा और क्षेत्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
इंडियन टीवी न्यूज़ कैमोर से श्याम गुप्ता की रिपोर्ट