नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
हजारीबाग/टंडवा: एनटीपीसी टंडवा द्वारा उत्पादित राख (ऐश) से आसपास के क्षेत्रों में गंभीर वायु प्रदूषण फैलने और सड़कों पर राख बिखेरने को लेकर ग्रामीणों में घोर आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन पर पर्यावरण और मानवीय हितों को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया है।
राख से आवागमन में भारी असुविधा
ग्रामीणों के अनुसार, राख की ट्रांसपोर्टिंग के दौरान निर्धारित मानकों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। सड़कों पर बड़ी मात्रा में राख गिराए जाने के कारण यात्रियों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सूखने के बाद यही राख हवा में मिलकर उड़ती है। यह राख यात्रियों की आँखों में नासूर की तरह चुभती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब जिला प्रशासन को चुनौती देते हुए किया जा रहा है।
सफाई का आंशिक प्रयास और गायब फॉग कैनन
हालांकि, सीसीएल प्रबंधन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एक करोड़ रुपए से अधिक का टेंडर जारी कर मजदूरों द्वारा सड़कों की सफाई का आंशिक प्रयास किया था। लेकिन, यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ है।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉग कैनन (Fog Cannon) अब कहीं नजर नहीं आ रहे हैं, जिसका उपयोग महज कुछ ही दिनों तक किया गया था।
स्थानीय नेताओं की चुप्पी पर सवाल
इन तमाम अनियमितताओं और प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, टंडवा – सिमरिया मुख्य सड़क के किनारे रहने वाले ग्रामीण अब बड़बोले स्थानीय नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठा रहे हैं। लोग अब उन्हें जी-भरकर कोसने लगे हैं, क्योंकि उनके प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और स्वास्थ्य मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।