नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग।
मानवता की मिसाल: सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने रात 9:30 बजे डोनेट किया B नेगेटिव ब्लड
गोरहर/हजारीबाग: पुलिस सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह, जो पूर्व में गोरहर थाना प्रभारी रह चुके हैं, ने मानवता की अद्भुत मिसाल पेश की है। उन्होंने एक मुख-बधिर (बोलने और सुनने में अक्षम) पीड़ित की जान बचाने के लिए रात 9:30 बजे अस्पताल पहुंचकर B नेगेटिव जैसा दुर्लभ रक्त समूह का रक्तदान किया।
यह नेक कार्य समाजसेवी अभिषेक कुमार के अनुरोध पर हुआ। अभिषेक कुमार ने बताया कि जैसे ही उन्होंने अजय कुमार सिंह को स्थिति बताई, वह बिना देर किए तुरंत रक्तदान के लिए तैयार हो गए।
दुर्लभ रक्त समूह: अजय कुमार सिंह का B नेगेटिव रक्त समूह लाखों-करोड़ों लोगों में से किसी एक में पाया जाता है, जिसने इस रक्तदान को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
एस पी ने भेजी टीम, तत्काल इलाज शुरू
मामले की जानकारी मिलते ही सुपरिंटेंडेंट अनुकरण जी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अपनी पूरी टीम को अस्पताल भेजा और मुख-बधिर मरीज का इलाज तुरंत शुरू करवाया। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को समय पर सहायता मिल सकी।
“आज लगा पहली बार किसी को मेरे ब्लड से जान बचाया जा रहा है”
रक्तदान के बाद सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “आज पहली बार लगा कि मेरे ब्लड से किसी पीड़ित की जान बचाई जा रही है। अगर मैं नहीं पहुंचता तो मुख-बधिर पेशेंट नहीं बचती।”
उन्होंने समाजसेवी अभिषेक कुमार की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि मैंने उनके बारे में सिर्फ सुना था, लेकिन वह वास्तव में रियल काम कर रहे हैं। अजय कुमार सिंह ने आधी रात को अस्पताल आकर पूरी सुविधा प्रदान करने और डॉक्टर की टीम भेजने के लिए अभिषेक कुमार को धन्यवाद दिया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस विभाग में ऐसे नेक दिल अधिकारी मौजूद हैं, जो अपनी ड्यूटी से बढ़कर मानवीय सेवा को प्राथमिकता देते हैं। रात के समय अपने घर से अस्पताल आकर रक्तदान करना उनकी महानता को दर्शाता है। यह कार्य रियल हीरो अजय कुमार सिंह के उज्जवल भविष्य और उनके नेक दिल पुलिस अधिकारी होने का प्रमाण है।